रेल यात्रियों के लिए बड़ा झटका! टिकट रद्द करने पर बदले रिफंड के नियम, जानें क्या है नई गाइडलाइन

रेल यात्रियों के लिए बड़ा झटका! टिकट रद्द करने पर बदले रिफंड के नियम, जानें क्या है नई गाइडलाइन

Train Ticket Refund Rules: अब ट्रेन टिकट कैंसिल करने का फैसला सोच-समझकर लीजिए, वरना सीधा झटका लगेगा! दरअसल,, भारतीय रेलवे ने ट्रेनों के लिए टिकट रद्द करने के नियमों को और सख्त कर दिया है। नए प्रावधान के मुताबिक, अगर आप ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 8घंटे से कम पहले टिकट कैंसिल करते हैं तो पूरा किराया जब्त – कोई भी रिफंड नहीं मिलेगा। यह बदलाव यात्री सुविधा और सीटों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखकर किया गया है, लेकिन लेट कैंसिलेशन अब बहुत महंगा पड़ने वाला है। बता दें, नए नियम 1अप्रैल से 15अप्रैल के बीच लागू होंगे।

8घंटे पहले ट्रेन रद्द करने पर नहीं मिलेगा पैसा

रेल मंत्रालय के कमर्शियल सर्कुलर नंबर 08ऑफ 2026में साफ-साफ लिखा गया है कि इन हाई-स्पीड प्रीमियम ट्रेनों पर कैंसिलेशन चार्ज का नया स्लैब लागू होगा। पहले सामान्य ट्रेनों में 4घंटे पहले तक कुछ रिफंड मिल जाता था, लेकिन अब ट्रेनों में समय सीमा बढ़ाकर 8घंटे कर दी गई है और अंतिम घंटों में कैंसिलेशन पर शून्य रिफंड का प्रावधान जोड़ दिया गया है।

  1. 72घंटे से ज्यादा पहले कैंसिलेशन:सिर्फ 25%चार्ज कटेगा, बाकी पैसा वापस। 
  2. 72घंटे से 8घंटे के बीच कैंसिलेशन:50%चार्ज कटेगा, आधी राशि ही मिलेगी। 
  3. 8घंटे से कम समय बचे होने पर कैंसिलेशन:शून्य रिफंड – पूरा पैसा रेलवे के पास।

ये नियम सभी क्लास (एग्जीक्यूटिव, चेयर कार, स्लीपर) पर लागू हैं। अगर आप TDR (टिकट डिपॉजिट रिसीpt) भी 8घंटे से पहले फाइल नहीं करते तो रिफंड की कोई गुंजाइश नहीं।

क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत II ट्रेनों की सीटें बहुत तेजी से बुक हो जाती हैं। लास्ट मिनट कैंसिलेशन से अन्य यात्रियों को मौका नहीं मिल पाता और ट्रेन की सीटें खाली रह जाती हैं। इसलिए नियम सख्त किए गए हैं ताकि यात्री अपनी प्लानिंग पहले से पक्की करें। अभी ये नियम सिर्फ इन दो प्रीमियम ट्रेनों पर लागू हैं – राजधानी, शताब्दी या अन्य सामान्य ट्रेनों के लिए पुराने नियम (48 घंटे, 12 घंटे, 4 घंटे) ही जारी हैं।

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