गेहूं के आटे से ज्यादा फायदेमंद होता है ये आटा, जानें इससे जुड़े फायदें

गेहूं के आटे से ज्यादा फायदेमंद होता है ये आटा, जानें इससे जुड़े फायदें

नई दिल्ली:  रोजमर्रा की जिंदगी में खाना पीने को लेकर हम लापरवाही बरतने लगते है। जिसमें हम बाहर का खाना ज्यादा पसंद करते है। लेकिन क्या घर का सारा खाना पौष्टिक है ये भी एक बड़ा सवाल है। हम सब घर में रोटी तो जरुर खाते होगें। लेकिन उस आटे से हमारे शरीर को कितना फायदा हो रहा है इससे हम अंजान होते है।

ऐसे में आज हम आपको गेहूं के आटे के अलावा एक ओर आटे के बारे में बताते है जिससे आपके शरीर को अनेकों फायदें होगे। सर्दियों में पाया जाने वाला सिंघाड़ा। इसका इस्तेमाल कच्चे रूप में किया जाता है और सुखाकर इसके आटे का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके नियमित सेवन से शरीर में खून की कमी नहीं होती है।अपने पौष्टिक तत्वों के कारण ये गर्भवती महिलाओं के लिए भी काफी उपयोगी है। इसमें विटामिन ए, सी, प्रोटीन, निकोटिन एसिड, सिट्रिक एसिड, थायमिन, कार्बोहाइड्रेट और एनर्जी पाया जाता है।

1. अस्थमा के मरीजों के लिए सिंघाड़ा बहुत फायदेमंद होता है। सिंघाड़े को नियमित रूप से खाने से सांस संबधी समस्याओं से भी आराम मिलता है।

2. सिंघाड़ा बवासीर जैसी मुश्किल समस्याओं से भी निजात दिलाने में कारगर साबित होता है।

3. सिंघाड़ा खाने से फटी एड़ि‍यां भी ठीक हो जाती है। इसके अलावा शरीर में किसी भी स्थान पर दर्द या सूजन होने पर इसका लेप बनाकर लगाने से बहुत फायदा होता है।

4. इसमें कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसे खाने से हड्डि्यां और दांत दोनों ही मजबूत रहते हैं। साथ ही यह आंखों के लिए भी फायदेमंद है।

5. प्रेग्नेंसी में सिंघाड़ा खाने से मां और बच्चा दोनों स्वस्थ रहते हैं। इससे गर्भपात का खतरा भी कम होता है। इसके अलावा सिंघाड़ा खाने से पीरियड्स की समस्याएं भी ठीक होती हैं।

6. सिंघाड़े का सेवन रक्त संबंधी समस्याओं को भी ठीक करता है। साथ ही मूत्र संबंधी रोगों के उपचार के लिए सिंघाड़े का प्रयोग बहुत फायदेमंद है। दस्त होने पर भी सिंघाड़े का सेवन रामबाण उपाय है।

7. सिंघाड़ा शरीर को ऊर्जा देता है, इसलिए इसे व्रत के खाने में शामिल किया जाता है। इसमें आयोडीन भी पाया जाता है, जो गले संबंधी रोगों से रक्षा करता है और थाइरॉइड ग्रंथि को सुचारू रूप से काम करने के लिए प्रेरित करता है।

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