Viral Video: दिवाली पर कर्मचारियों को बोनस देना आम बात है, लेकिन राजस्थान के एक उद्योगपति ने अपनी दरियादिली से लोगों का दिल जीत लिया है। बीकानेर के रहने वाले और गुजरात के सूरत में कपड़े का कारोबार करने वाले रामस्वरूप मूंड ने दिवाली के मौके पर अपने 50 कर्मचारियों को ₹1-1 लाख नकद बोनस और खास उपहार देकर सम्मानित किया। उनके इस अनोखे तोहफे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग उद्योगपति की जमकर तारीफ कर रहे हैं और उनकी सोच को इंसानियत की मिसाल बता रहे हैं।
दिवाली की खुशियां कर्मचारियों के घर तक पहुंचाना चाहते हैं रामस्वरूप मूंड
उद्योगपति रामस्वरूप मूंड का कहना है कि दिवाली की खुशियां केवल उनके अपने घर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके साथ मेहनत करने वाले कर्मचारियों के परिवारों तक भी पहुंचनी चाहिए।
वायरल वीडियो में उन्होंने अपनी भावना साझा करते हुए कहा कि यह किसी प्रकार का दिखावा नहीं है। वे खुद जानते हैं कि मेहनत करके परिवार चलाने का क्या मतलब होता है। इसलिए उनकी इच्छा है कि दिवाली पर उनके कर्मचारियों के घरों में भी खुशियां और आर्थिक समृद्धि आए।
50 कर्मचारियों को दिया ₹1-1 लाख का बोनस
रामस्वरूप मूंड ने इस दिवाली अपने 50 कर्मचारियों को ₹1 लाख नकद बोनस दिया। इसके साथ ही कर्मचारियों को विशेष उपहार भी दिए गए।
उनके इस कदम से कर्मचारियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कई कर्मचारी इस अप्रत्याशित उपहार से भावुक हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कर्मचारियों की खुशी और मालिक के प्रति सम्मान साफ नजर आ रहा है।
'मेरी सफलता में कर्मचारियों का भी बड़ा योगदान'
रामस्वरूप मूंड अपनी सफलता का श्रेय केवल खुद को नहीं, बल्कि अपनी पूरी टीम को देते हैं। उनका मानना है कि किसी भी कारोबार की सफलता के पीछे कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
उन्होंने अपनी सोच के जरिए यह संदेश दिया कि यदि मालिक अपने कर्मचारियों को परिवार का हिस्सा समझे, तो कार्यस्थल पर विश्वास, सम्मान और अपनापन बढ़ता है।
पिछले साल भी बांटा था दिवाली बोनस
रामस्वरूप मूंड पिछले साल भी धनतेरस के अवसर पर अपने कर्मचारियों को नकद राशि देकर चर्चा में आए थे। उस समय भी उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और लोगों ने उनकी जमकर सराहना की थी।
इस बार उन्होंने कर्मचारियों को और बड़ा तोहफा देकर अपनी दरियादिली का परिचय दिया है। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि धनवान तो बहुत होते हैं, लेकिन अपनी कमाई और खुशियों में दूसरों को शामिल करने वाला बड़ा दिल हर किसी के पास नहीं होता।
रामस्वरूप मूंड की यह पहल दिवाली के अवसर पर कर्मचारियों के सम्मान, सामाजिक जिम्मेदारी और इंसानियत की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।