Kamya Mishra Politics News: बिहार की पूर्व आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनके पुलिस करियर की नहीं, बल्कि राजनीति में संभावित एंट्री की हो रही है। सोशल मीडिया पर उन्हें बिहार की अगली विधायक और यहां तक कि शिक्षामंत्री तक बताया जा रहा है। इन चर्चाओं के बीच 6 नवंबर 2026 को काम्या मिश्रा की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया है। हालांकि, राजनीति में आने को लेकर उन्होंने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
संजय झा से मुलाकात के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं
पूर्व आईपीएस काम्या मिश्रा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा के साथ एक तस्वीर साझा की है।
इस तस्वीर के कैप्शन में उन्होंने लिखा कि आज माननीय सांसद संजय सर से मुलाकात कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं। बिहार को राष्ट्रीय मुख्यधारा में मजबूत पहचान दिलाने के लिए उनके निरंतर प्रयास प्रेरणादायक हैं।

काम्या मिश्रा की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर उनकी राजनीतिक एंट्री को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। कई यूजर्स ने उन्हें जेडीयू में शामिल होने की शुभकामनाएं दीं, जबकि कुछ लोगों ने उन्हें बिहार की अगली विधायक और शिक्षामंत्री तक बता दिया।
हालांकि, केवल इस मुलाकात के आधार पर उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
कौन हैं पूर्व आईपीएस काम्या मिश्रा?
काम्या मिश्रा बिहार में अपनी तेजतर्रार पुलिस अधिकारी की छवि के कारण काफी लोकप्रिय रही हैं। उन्हें सोशल मीडिया पर 'लेडी सिंघम' के नाम से भी जाना जाता है।
काम्या मिश्रा मूल रूप से ओडिशा के रायरंगपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की है।
साल 1996 में जन्मीं काम्या मिश्रा ने वर्ष 2018 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। इस परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 172 हासिल की थी। इसके बाद उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर आवंटित किया गया था।
बाद में 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी अवधेश दीक्षित से विवाह के आधार पर उनका कैडर बिहार स्थानांतरित कर दिया गया।
दरभंगा की पहली ग्रामीण एसपी बनी थीं काम्या मिश्रा
बिहार कैडर में आने के बाद काम्या मिश्रा ने पटना सचिवालय में एएसपी के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद 7 मार्च 2024 को उन्हें दरभंगा की पहली ग्रामीण एसपी नियुक्त किया गया।
अपने कार्यकाल के दौरान वे पुलिस प्रशासन और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में रहीं। उनकी कार्यशैली के कारण उन्हें बिहार में एक चर्चित महिला पुलिस अधिकारी के रूप में पहचान मिली।
आखिर क्यों छोड़ी थी IPS की नौकरी?
काम्या मिश्रा ने अगस्त 2024 में निजी कारणों का हवाला देते हुए आईपीएस पद से इस्तीफा देने का फैसला किया था। करीब सात महीने बाद 27 मार्च 2025 को उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया।
बताया गया था कि उनके पिता हिमाचल प्रदेश में बड़ा कारोबार करते हैं और काम्या मिश्रा अपने पारिवारिक व्यवसाय से जुड़ना चाहती थीं। इसी वजह से उन्होंने पुलिस सेवा छोड़ने का निर्णय लिया था।
क्या JDU के जरिए राजनीति में आएंगी काम्या मिश्रा?
पूर्व आईपीएस काम्या मिश्रा की संजय झा से मुलाकात के बाद बिहार की राजनीति में उनकी संभावित एंट्री को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सोशल मीडिया पर समर्थक उन्हें नई राजनीतिक भूमिका में देखने की इच्छा जता रहे हैं।
लेकिन अभी तक काम्या मिश्रा ने जेडीयू में शामिल होने, चुनाव लड़ने या मंत्री बनने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। ऐसे में फिलहाल उनकी राजनीति में एंट्री को लेकर चल रही चर्चाएं अटकलों तक ही सीमित हैं।
अब देखना होगा कि आने वाले समय में काम्या मिश्रा राजनीति में कदम रखती हैं या अपने पारिवारिक व्यवसाय पर ही ध्यान केंद्रित करती हैं।