
अजमेर: राजस्थान के अजमेर में ऑनलाइन ठगी की वारदातें थमने नाम ले रही है, इस ही एक मामला अजमेर से सामने आया जहां स्वस्छ भारत मिशन के तहत टॉयलेट निर्माण पर सरकारी खाते से किए जाने वाले ऑनलाइन भुगतान के सिस्टम में छेड़छाड़ कर ठगों ने 4 लाख 68 हजार रुपए के भुगतान का प्रोसिजर कर दिया और 60 हजार रुपए निकाल भी लिए। अजमेर ग्रामीण पंचायत समिति के विकास अधिकारी ने क्रिश्चयनगंज थाने में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
पुलिस के अनुसार, अजमेर ग्रामीण पंचायत समिति के बीडीओ विजय सिंह चौहान ने रिपोर्ट देकर बताया कि स्वच्छ भारत मिशन में निर्मित कराए जाने वाले व्यक्तिगत टॉयलेट के हर लाभार्थी को 12 हजार रुपए का ऑनलाइन भुगतान किया जाता है। पंचायत समिति की ओर से 31 जनवरी को किया भुगतान प्रोसिजर में होने पर 7 फरवरी को देखा तो पाया कि एक अन्य भुगतान 4 फरवरी को प्रोसिजर में दिखा रहा था जो 39 व्यक्तियों को प्रति व्यक्ति 12000 के हिसाब से कुल राशि 4 लाख 68 हजार रुपए थी।
जबकि ऐसा कोई भी भुगतान पंचायत समिति से करने का प्रोसिजर नहीं किया गया। लाभार्थी की जिस योजना संबंधी आईडी का उपयोग किया गया था, वह भी वर्तमान में प्रचलित आईडी से अलग थी। ऐसे में फर्जी तरीके से भुगतान का अंदेशा होने के कारण 7 फरवरी को ही मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद अजमेर को पत्र भेजकर भुगतान रोकने के लिए लिखा। MIS मैनेजर ने बताया कि स्टेट खाते में राशि उपलब्ध नहीं होने से यह भुगतान रिजेक्ट हो जाएगा। लेकिन 9 फरवरी को पता चला कि 39 व्यक्तियों में से 5 लोगों को रुपए ट्रांसफर हो चुके है।
जबकि भुगतान विकास अधिकारी के मोबाइल पर ओटीपी के माध्यम से ओटीपी दर्ज करने के बाद होती है, लेकिन मोबाइल पर कोई ओटीपी भी प्राप्त नहीं हुआ तथा बिना ओटीपी के ही भुगतान हुआ है। अतः फर्जी तरिके से सिस्टम में छेडछाड कर विकास अधिकारी अजमेर ग्रामीण की एसएसओ आईडी का गलत तरीके से उपयोग कर सरकारी राशि का विड्रोल करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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