
वाराणसी: भारत में हिंदू धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक, काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। वाराणसी में गंगा नदी के तट पर स्थित यह भी 12ज्योतिर्लिंगों में से एक है। वर्षों में कई बार पुनर्निर्माण किया गया, काशी विश्वनाथ मंदिर की वर्तमान संरचना 1780 में अहिल्या बाई होल्कर द्वारा बनाई गई थी। काशी में मोक्षदायिनी माँ गंगा और बाबा विश्वनाथ की कृपा प्राप्त करने प्रतिदिन भक्तों की लंबी कतार कॉरिडोर में आती है। यहां आने के बाद प्रत्येक भक्त खुद को सौभाग्यशाली समझता है। ऐसे में अब काशी विश्वनाथ के दर्शन के साथ ही अब उनके भक्तों को अपने सभी शुभ कार्य मन्दिर परिसर में करने का अवसर मिलने जा रहा है।
अब जल्द ही विश्वनाथ धाम में न केवल आपको सामाजिक कार्य करने की अनुमति रहेगी, बल्कि आप मांगलिक कार्य भी कर सकेंगे। वर-वधू अपने नव दाम्पत्य जीवन की शुरूआत बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद के साथ ले सकेंगे। मंदिर प्रशासन की माने तो जल्द ही आपको काशी विश्वनाथ के आशीर्वाद से उनके धाम में ही वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न हो सकेंगे। इसके अलावा मुंडन संस्कार की सुविधा भी मंदिर हाल में मिलेगी। इस सुअवसर की प्रतीक्षा काफी समय से भक्तों को थी। भक्तों की इच्छा थी कि बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से उनके सभी शुभ सनातनी धर्म के कार्य सम्पन्न हो। मंदिर प्रशासन जल्द ही इन सुविधाओं की शुरूआत करने जा रहा है।
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा के अनुसार विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद लगातार सेवाओं का विस्तार हो रहा है। श्रद्धालुओं के हितों को दृष्टिगत रखते हुए जो भी धार्मिक कार्य हैं, उन्हें आगे बढ़ाया जा रहा है। हर वो अवसर जिसमें उनके धार्मिक क्रिया कलाप करने में वृद्धि हो उसे करने की हम लगातार कोशिश कर रहे हैं। चाहे वो अच्छे दर्शन हो, कर्मकांड हो या धार्मिक कार्य हो। इसी के तहत अब जल्द ही इस प्रांगण में विवाह और दूसरे सामाजिक कार्य भी हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि ऐसे में शादी और सामाजिक कार्य करने के लिए हमने निजी कंपनी को बुलाया है। हालांकि इन आयोजनों में डीजे के साथ और भी कई सारी पाबंदियां होंगी।
उन्होंने बताया कि विवाह के कार्यक्रम के दौरान मेहमानों को शुद्ध भोजन ही मिलेगा। इसके अलावा कोई भी ऐसा काम नहीं होगा जो मंदिर की गरिमा के विपरीत हो। श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन में कोई दिक्कत न हो। इन आयोजनों से इसका भी ध्यान रखा जाएगा। बाबा के धाम में शादी-विवाह या अन्य धर्म से जुड़े सामाजिक कार्य करने का शुल्क अभी निर्धारित नहीं किया गया। यह भी जल्द ही निर्धारित होगा जो की काफी किफायती होगा।
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