
Uttarakhand Nikay Chunav Result: आज शनिवार को उत्तराखंड के नगर निकाय चुनाव का परिणाम जारी कर दिया जाएंगा। ऐसे में सभी की नजरें चुनाव के रिजल्ट पर बनी हुई है। लेकिन इसी के साथ मतदान प्रतिशत पिछली बार से कम रहने से भाजपा भी परेशान दिख रही है।
बताया जा रहा है कि भाजपा उन निकायों को लेकर परेशान है, जहां उसके बागी कार्यकर्ताओं ने मैदान नहीं छोड़ा था। ऐसे में पार्टी नेतृत्व की नजर अब चुनाव परिणाम पर टिकी हुई है।
क्या था भाजपा का लक्ष्य?
निकाय चुनाव प्रचार अभियान के दौरान भाजपा ने सभी मतदाताओं से संपर्क कर उन्हें मतदान के लिए प्रेरित करने का दावा किया था। इसके लिए पार्टी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। पार्टी का लक्ष्य था कि इस बार निकायों में मतदान प्रतिशत पिछली बार से कहीं आगे निकलकर 75प्रतिशत तक पहुंचे। अब मतदान के 65.41प्रतिशत तक ही पहुंचने से पार्टी में खलबली मची हुई है।
मतदान प्रतिशत कम रहने पर पार्टी में मंथन
मिली जानकारी के अनुसार, कल शुक्रवार को पार्टी मतदान प्रतिशत कम रहने को लेकर चर्चा कर रही थी। इस चर्चा में ये भी सामने आया कि इस बार तमाम निकायों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने घर-घर मतदाता पर्ची पहुंचाने में ज्यादा रूचि नहीं दिखाई। लेकिन पार्टी को उन नगर निकायों की चिंता सता रही है, जिनमें पार्टी के बागी चुनाव लड़ रहे हैं। बता दें, लगभग 30निकायों में निकाय प्रमुख समेत पार्षद-सभासद पदों पर बागियों ने मैदान नहीं छोड़ा था।
बता दें, मतदान प्रतिशत कम रहने का सबसे बड़ा कारण मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम गायब होना बताया जा रहा है। कई लोग ऐसे थे जिन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में वोट डाला। लेकिन कई लोग ऐसे भी निकले जिनका निकाय चुनाव की मतदाता सूची में नाम ही नहीं था। जिसके लिए चुनाव अधिकारियों और बीएलएओ को जिम्मेदार ठहराया गया।
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