Uttarakhand News: उत्तराखंड के नैनीताल जिले के कैंची धाम और इसके आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरण नियमों की अनदेखी करने वाले होटल, रेस्टोरेंट और फ्लैट संचालकों पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है। ठोस अपशिष्ट निकासी (वेस्ट मैनेजमेंट) और बोर्ड के लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन न करने पर बोर्ड ने कुल 12 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है हाल ही में किए गए जॉइंट सर्वे के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम को बड़े पैमाने पर अनियमितताएं मिलीं।
जांच में सामने आया कि भवाली के श्यामखेत में बन रहे 6 फ्लैट्स, कैंची धाम और भवाली क्षेत्र के 3 होटलों तथा रामनगर के 3 होटलों के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) नहीं हैं। जिन स्थानों पर एसटीपी लगाए भी गए हैं, वे सुचारू रूप से काम नहीं कर रहे थे। इसके अलावा, कई होटल संचालकों के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनिवार्य लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं पाया गया। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक अनुराग नेगी ने बताया कि सभी संबंधित इकाइयों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है और तत्काल प्रभाव से प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्रवाई की चेतावनी
बोर्ड ने साफ किया है कि यदि संचालकों द्वारा तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता या व्यवस्था दुरुस्त नहीं की जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जवाब न देने या लापरवाही बरतने की स्थिति में भारी जुर्माना लगाने, मामला अदालत में ले जाने और जरूरत पड़ने पर संस्थानों को सील (बंद) करने के कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में किसी भी तरह के प्रदूषण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।