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US-Israel Iran War: मिडिल ईस्ट में पानी की आपूर्ति पर खतरा! ईरान के हमलों से खाड़ी देशों में जल संकट बढ़ने का डर

US-Israel Iran War: मिडिल ईस्ट में पानी की आपूर्ति पर खतरा! ईरान के हमलों से खाड़ी देशों में जल संकट बढ़ने का डर

US-Israel Iran War: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान की जंग को भले ही तेल के लिए युद्ध कहा जा रहा हो, लेकिन अब खतरा बढ़ रहा है कि यह पानी के लिए युद्ध में बदल सकता है। ईरान ने हाल ही में अपने वाटर प्लांट पर हमला होने के बाद बहरीन में भी एक डिसेलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ईरान खाड़ी देशों जैसे सऊदी अरब, कतर, यूएई, बहरीन और ओमान के डिसेलिनेशन प्लांट पर हमले करता है, तो बड़े पैमाने पर जल संकट पैदा हो सकता है।

400 से अधिक वाटर डिसेलिनेशन प्लांट

मिडिल ईस्ट के रेगिस्तानी देशों में जीवन का मुख्य आधार समुद्र का पानी है, जिसे डिसेलिनेशन तकनीक से पीने लायक बनाया जाता है। इन देशों में तेल की कोई कमी नहीं है, लेकिन शुद्ध पानी के लिए ये पूरी तरह डिसेलिनेशन प्लांट पर निर्भर हैं। फारस की खाड़ी में लगभग 400 से अधिक वाटर डिसेलिनेशन प्लांट हैं, जो स्थानीय आबादी की पीने की पानी की जरूरत पूरी करते हैं।

ऐसे बनाया जा सकता है निशाना

ईरान समर्थित हुती और अन्य विद्रोही समूह पहले भी सऊदी अरब के तेल ठिकानों और बुनियादी ढांचे पर ड्रोन और मिसाइल हमले कर चुके हैं। ऐसे विशाल प्लांट को पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान करना मुश्किल है। प्लांट समुद्र के पानी को अंदर लेने वाले पाइप और कंप्यूटर सिस्टम (SCADA system) पर चलते हैं, जिन्हें हैकिंग या केमिकल बैलेंस बिगाड़ कर निशाना बनाया जा सकता है।

पानी की सप्लाई कुछ घंटों में प्रभावित

अगर किसी बड़े डिसेलिनेशन प्लांट पर हमला होता है, तो खाड़ी देशों में पानी की सप्लाई केवल कुछ घंटों में प्रभावित हो सकती है। कतर, कुवैत और यूएई जैसे देशों में रणनीतिक जल भंडार कुछ ही दिनों के लिए पर्याप्त हैं। इसके साथ ही कई प्लांट बिजली भी पैदा करते हैं, इसलिए पानी की सप्लाई रुकने पर बिजली भी प्रभावित हो सकती है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

सऊदी अरब और अन्य देश अब बड़े प्लांट की बजाय छोटे-छोटे डिसेलिनेशन प्लांट बना रहे हैं और भूमिगत जल भंडार का निर्माण कर रहे हैं। इसके अलावा, वाटर प्लांट के आसपास पैट्रियट और आयरन डोम जैसे मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में पानी की सुरक्षा तेल से भी बड़ी चुनौती बन सकती है। अगर जल आपूर्ति बाधित हुई, तो शहरों में हाहाकार मच सकता है और लाखों लोगों के जीवन पर सीधा असर पड़ेगा। 

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