
Iran Warns Israel: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। इजरायल-अमेरिका अब पीछे हटने के मूड में नहीं है। दोनों देश चाहते हैं कि ईरान सरेंडर कर दें लेकिन, वह ऐसा करने को तैयार नहीं है। इधर ट्रंप ने ईरान में सत्ता बदलने की कसम खा रखी है। उधर इजरायल किसी भी हालात में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को तहस-नहस करने में लगा है।
इसी बीच ईरान के एक सैन्य अधिकारी ने चेतावनी जारी है। सैन्य अधिकारी का कहना है कि अगर अमेरिका और इजरायल ने ईरान में रेजीम चेंज करने की कोशिश की, तो ईरान अपने सबसे प्रभावशाली मिसाइल का प्रयोग करेगा।
ईरान ने किया बड़ा दावा
ईरानी अधिकारी ने कहा कि मिसाइल के जरिए इजरायल के डिमोना परमाणु रिएक्टर को निशाना बनाया जाएगा। उनके मुताबिक पूरे मध्य पूर्व के ऊर्जा केंद्र को भी टारगेट किया जा सकता है। ईरानी अधिकारी के इस बयान ने दूसरे देशों की चिंता बढ़ा दी है। वजह यह है कि ईरान के पास परमाणु बम भले ही नहीं हो लेकिन, अगर डिमोन रिएक्टर पर हमला हुआ, तो उसका प्रभाव किसी परमाणु बम के हमले से कम नहीं होगा।
इजरायल का परमाणु कार्यक्रम बना रहस्य
बता दें कि इजरायल का परमाणु कार्यक्रम दुनिया के लिए रहस्य बना हुआ है। डिमोना स्थित शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर इजरायल का सबसे संवेदनशील परमाणु ठिकाना माना जाता है। इस परमाणु रिएक्टर का निर्माण 1958 में शुरू हुआ था। बताया जाता है कि उस समय फ्रांस ने गुप्त रूप से इजरायल की मदद की थी। हालांकि, जब अमेरिका ने इस निर्माण पर सवाल उठाए, तब इजरायल ने कहा था कि यह एक टेक्सटाइल यानी कपड़ा फैक्ट्री है लेकिन, कुछ सालों बाद इसी न्यूक्लियर साइट मं काम करने वाले कर्मचारी ने इजरायल के प्लान का खुलासा कर दिया।
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