Uttrakhand News: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन के कारण सात ट्रेकर्स समेत आठ लोग फंस गए हैं। भोजखड़क से आगे हिमस्खलन आने के चलते ट्रेकिंग मार्ग अवरुद्ध हो गया है। वहीं, कच्ची ढांग के पास तीन पोर्टर और एक कुक समेत चार लोग सुरक्षित मिले हैं। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए शनिवार को NDRF, SDRF, वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी की टीमें रेस्क्यू अभियान में जुटी हैं।
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और खराब मौसम को देखते हुए बचाव अभियान में हेलीकॉप्टर की मदद लेने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। प्रशासन की टीमें लगातार फंसे हुए लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हैं।
27 अक्टूबर को ट्रेकिंग के लिए निकला था 13 सदस्यीय दल
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर को गंगोत्री से सात ट्रेकर्स और छह सपोर्टिंग स्टाफ समेत कुल 13 सदस्यों का दल केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। दल की वापसी 29 अक्टूबर को निर्धारित थी, लेकिन खराब मौसम, ग्लेशियर और बर्फबारी के कारण रास्ता बंद हो गया।निर्धारित समय पर दल के वापस नहीं लौटने पर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से संपर्क करने के प्रयास शुरू किए गए।
फोन पर संपर्क के बाद मांगी थी मदद
30 अक्टूबर को ट्रेकिंग एजेंसी के माध्यम से फोन पर दल से संपर्क हो पाया। इस दौरान दल ने कच्ची ढांग के पास सुरक्षित होने की सूचना दी और सहायता मांगी थी। इसके बाद प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान की तैयारी तेज की।जानकारी के मुताबिक, भोजखड़क से आगे हिमस्खलन के कारण आठ लोग फंस गए, जबकि चार सदस्य कच्ची ढांग के पास सुरक्षित मिल गए।
NDRF-SDRF समेत कई टीमें रेस्क्यू में जुटीं
शनिवार को फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए NDRF, SDRF, वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी की टीमें अभियान चला रही हैं। पहाड़ी क्षेत्र में लगातार खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां रेस्क्यू ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण बना रही हैं। ऐसे में हेलीकॉप्टर की मदद लेने के विकल्प पर भी प्रयास किए जा रहे हैं।प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र में फंसे सभी आठ लोगों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।
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