
Bangladesh Earthquake: कोलकाता में शुक्रवार, 27 फरवरी को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.5 मापी गई। झटके लगते ही लोगों में घबराहट फैल गई और कई लोग अपने घरों, दफ्तरों और इमारतों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है।
क्या था भूकंप का केंद्र?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भूकंप का केंद्र बांग्लादेश में था। बताया जा रहा है कि भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे था और यह कोलकाता से करीब 100 किलोमीटर उत्तर में स्थित था। झटके कुछ सेकंड तक ही महसूस किए गए, लेकिन ऊंची इमारतों में इनका असर ज्यादा रहा।
शहर के कई इलाकों से लोगों ने बताया कि उनके घरों में फर्नीचर, खिड़कियां और छत के पंखे हिलने लगे। कई दफ्तरों में कर्मचारियों ने तुरंत इमारतें खाली कर दीं और खुले मैदानों में जमा हो गए। सोशल मीडिया पर भी कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोग भूकंप के बाद सड़कों और खुले स्थानों पर खड़े दिखाई दे रहे हैं।
प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। आपदा प्रबंधन टीमें सतर्क हैं, हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
भूकंप क्यों आता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, धरती के अंदर टेक्टोनिक प्लेट्स लगातार बहुत धीमी गति से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं, दूर जाती हैं या एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं, तो उनके किनारों पर दबाव बनता है। जब यह दबाव बहुत बढ़ जाता है, तो चट्टानें अचानक टूट जाती हैं और ऊर्जा लहरों के रूप में बाहर निकलती है। यही लहरें जमीन तक पहुंचकर धरती को हिलाती हैं, जिसे हम भूकंप के रूप में महसूस करते हैं।
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