
नई दिल्ली: आज दुनियाभर में विश्व जनसंख्या मानाया जा रहा है। बता दें कि हर साल 11 जुलाई को पूरे विश्व में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। वहीं हर साल इस दिवस पर थीम रखी जाती है। वहीं इस साल के दिवस की थीम ‘8 बिलियन की दुनिया’ है। साथ ही सभी के लिए एक लचीले भविष्य की ओर-अवसरों का दोहन और सभी के लिए अधिकार और विकल्प सुनिश्चित करना' है। इस थीम का मतलब है कि दुनिया की आबादी 8 अरब तक पहुंच गई है, लेकिन इनमें से सभी के पास समान अधिकर और अवर नहीं हैं। इस दिन का अपना अलग महत्व और इतिहास है।
विश्व जनसंख्या दिवस कब और कैसे मनाया
विश्व जनसंख्या दिवस हर साल 11 जुलाई को मनाया जाता है। इसकी स्थापना 1989 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की गवर्निंग काउंसिल द्वारा की गई थी। विश्व की आबादी 5 अरब तक पहुंची थी, जिस पर संयुक्त राष्ट्र संघ की तरफ से चिंता प्रकट की गई और तब बढ़ती जनसंख्या और नियंत्रित करने और परिवार नियोजन को लेकर लोगों में जागरुकता फैलाने के लिए इस दिन को मनाने का फैसला किया गया, और तभी से हर साल विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जा रहा है। पहले विश्व जनसंख्या दिवस के साथ-साथ इंसान के विकास और प्रगति को सेलिब्रेट किया जाता था। लेकिन अब इस दिन को सिर्फ बढ़ती जनसंख्या नियंत्रण और बढ़ती जनसंख्या की खामियों को बताते हुए लोगों को जागरूक करने के लिए ये दिन मनाया जाता है।
विश्व जनसंख्या दिवस महत्व
लगातार बढ़ती जनसंख्या हमारे भविष्य के लिए अभिशाप बन गई है। पर्यावरण प्रदूषण के कारण लोग विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं और प्राकृतिक सौंदर्य कम होता जा रहा है। इससे बेरोजगारी, भुखमरी, अशिक्षा जैसी समस्याएं बढ़ तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में जनसंख्या नियंत्रण एक जरूरी कदम होना चाहिए। दुनियाभर में इस दिन परिवार नियोजन, गरीबी, लैंगिक समानता, निरक्षरता, नागरिक अधिकार, मां और बच्चे का स्वास्थ्य, गर्भनिरोधक दवाओं के इस्तेमाल जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा और विमर्श किया जाता है।
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