
US-Israel Iran War: देश में एलपीजी की कमी की चिंताओं के बीच सरकार ने राहत भरी खबर दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय (MoPNG) की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक गैस (LNG) के दो कार्गो भारत की ओर आ रहे हैं और देश में पेट्रोलियम आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। सुजाता शर्मा ने बताया कि वर्तमान में भारत को होर्मुज जलडमरूमध्य से सामान्य मात्रा से अधिक कच्चे तेल की आपूर्ति मिल रही है। अब विभिन्न देशों से अलग-अलग कार्गो के माध्यम से कच्चा तेल भारत पहुंच रहा है। पहले यह 55% था, जो अब बढ़कर 75% हो गया है।
एलपीजी की डिलीवरी प्रक्रिया सामान्य
एलपीजी की बुकिंग को लेकर मची अफरा-तफरी के बीच अधिकारी ने स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी की डिलीवरी प्रक्रिया सामान्य रूप से 2.5 दिन में पूरी हो जाती है। ग्राहकों को सिलेंडर बुक करने में जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है। सरकार लगातार आपूर्ति की निगरानी कर रही है और वैश्विक संकट के बीच विशेष उपाय कर रही है।
रेलू उत्पादन का हो रहा आयात
अधिकारी ने बताया कि भारत की रिफाइनरियां अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं, कुछ तो अपनी क्षमता से 100% अधिक पर चल रही हैं। देश में गैस की कुल खपत 189 मिलियन सेमी प्रति दिन है, जिसमें 97.5 मिलियन सेमी प्रति दिन घरेलू उत्पादन है और बाकी आयात किया जा रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण 47.4 मिलियन सेमी प्रति दिन की आपूर्ति प्रभावित हुई थी।
सरकार ने वैकल्पिक मार्गों से गैस खरीद प्रक्रिया तेज कर दी है। देश की कुल आयातित गैस का 60% होर्मुज जलडमरूमध्य से आता है। लेकिन सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों के चलते घरेलू एलपीजी उत्पादन में 25% की वृद्धि की है।
संकट पैदा नहीं होने दिया जाएगा
अधिकारी ने कहा कि दिल्ली में आज घरेलू एलपीजी की कीमत 913 रुपये है। अगर सरकार हस्तक्षेप नहीं करती, तो कीमतें इससे कहीं अधिक होतीं। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बावजूद तेल मंत्रालय ने कई उपाय किए हैं, जिससे एलपीजी की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं और आम नागरिकों को आपूर्ति में कोई परेशानी नहीं हो रही है। सरकार ने स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त गैस उपलब्ध है और कोई असामान्य संकट पैदा नहीं होने दिया जाएगा।
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