
Delhi Police : 18 अप्रैल, 2023 का दिन, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की द्वारका स्थित यूनिट Intelligence Fusion Strategic Operation (IFSO) की सोशल मीडिया अलर्ट टीम के कंप्यूटर पर एक अलर्ट आता है। जब टीम अलर्ट को खोलती है तो पता लगता है कि फरीदाबाद के बल्लभगढ़ निवासी एक व्यक्ति जिसकी उम्र लगभग 40 वर्ष है उसने Instagram पर एक वीडियो अपलोड किया है कि वह खुदकुशी कर रहा है। वीडियो अपलोड करने के कुछ देर बाद ही वह व्यक्ति वीडियो को डिलीट कर देता है। लेकिन वीडियो अपलोड होने के बाद ही ACP विजय घेलावत की टीम अलर्ट मोड पर आ जाती है और टीम फ़ौरन उस व्यक्ति का IP Address व मोबाइल नंबर निकालते हैं। इसके बाद टीम फरीदाबाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देती है, ACP विजय घेलावत उस व्यक्ति से तुरंत बात करते हैं। व्यक्ति से बात करने पर उन्हें व्यक्ति बताता है कि, उसकी 6 वर्ष पहले शादी हुई थी संतान नहीं होने के चलते पत्नी ने कोर्ट में तलाक का केस डाल दिया। इस वजह से वह काफी ज्यादा परेशान रहने लगा और डिप्रेशन में चला गया। डिप्रेशन में जाने के कारण वह आत्महत्या करना चाहता था, इसके लिए उसने वीडियो अपलोड किया था। व्यक्ति तक पुलिस के पहुंचने से पहले दिल्ली पुलिस उस व्यक्ति के पड़ोस में रहने वाले एक युवक को सूचना देती है और उस पर नजर रखने के लिए कहती है। बता दें कि, दिल्ली पुलिस की इस सतर्कता के चलते उस व्यक्ति की जान बच जाती है।
अब तक बचा चुके हैं 225 लोगों की जान
IFSO के पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी टीम अब तक करीब 225 लोगों की जान बचा चुकी है। इन लोगों में ज्यादातर छात्र व छात्राएं हैं, साथ ही महिलाओं की संख्या भी काफी ज्यादा है। आगे जानकारी देते हुए बताया कि इस तरह के ज्यादातर मामलों में पुलिस त्वरित एक्शन लेते हुए मौके पर पहुंच जाती है और पीड़ित को बचा लेती है। उन्होंने कहा कि 90 फीसदी से ज्यादा मामलों में हम कामयाब हो जाते हैं, कई बार समय पर नहीं पहुंचने के चलते पुलिस पीड़ित को नहीं बचा पाती है। पुलिस अधिकारियों की मानें तो, आंकड़ों को देखने के बाद सामने आ रहा है कि कोरोना काल से लोगों में खुदकुशी के रुझान बढ़ते जा रहे हैं।
टेक्नोलॉजी के जरिए दिल्ली पुलिस ऐसे दे रही दूसरी जिंदगी
बता दें कि, दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट गूगल की वर्ष 2019 में दिल्ली की नोडल एजेंसी बनी। इससे दिल्ली पुलिस को जीवन को लेकर धमकी जैसे बम धमाके, बम की सूचना, खुदकुशी, आतंकी हमला और बाल यौन शोषण आदि का अलर्ट मिलने लगा। इन सबके लिए दिल्ली पुलिस ने IFSO में एक अलर्ट टीम बनाई। बता दें कि, Google ने इस तरह का सिस्टम बना रखा है या फिर ऐसे शब्द डाल रखे हैं कि बम धमाके, खुदकुशी और बाल यौन शोषण की घटना सामने आती है तो कंप्यूटर पर तुरंत ही एक अलर्ट आ जाता है। अलर्ट मिलते ही पुलिस की टीम IP Address व मोबाइल नंबर निकालकर पीडि़त तक पहुंच जाती है और उसकी जान बचा लेती है।
आगे तक ध्यान रखती है पुलिस
IFSO के उपायुक्त प्रशांत गौतम ने कहा कि दिल्ली पुलिस लोगों की जान बचा रही है और पुलिस इसे एक मिशन मान रही है। दिल्ली पुलिस जिस व्यक्ति को भी बचाती है उसका आगे तक ध्यान भी रखती है। उन्होंने कहा कि, पुलिस फोन कर उस व्यक्ति से उसका हाल चाल पूछती है। साथ ही चिकित्सकों द्वारा उसकी और उसके माता पिता की काउंसलिंग भी करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि, व्यक्ति में खुदकुशी की प्रवृति होती है ,इस प्रवृति को खत्म करने के लिए IFSO की अलर्ट टीम पीड़ित व्यक्ति का आगे भी ध्यान रखती है।
अन्य राज्यों के लोगों को भी बचा रही दिल्ली पुलिस
IFSO के एक अधिकारी ने बताया कि IFSO वैसे तो दिल्ली के लिए Google की नोडल एजेंसी है, लेकिन अलर्ट मिलने पर दिल्ली पुलिस सभी राज्यों को सूचना दे देती है और सभी पीड़ितों की पूरी जानकारी निकालकर सूचना देती है। हालांकि दिल्ली पुलिस नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम, बहादुरगढ़, सोनीपत, पानीपत समेत पड़ोसी राज्यों व दिल्ली-एनसीआर के शहरों पर लगातार नजर रखती है।
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