आज छठ का तीसरा दिन, जानें संध्या अर्घ्य का शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि

आज छठ का तीसरा दिन, जानें संध्या अर्घ्य का शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि

नई दिल्ली: चार दिनों तक चलने वाले लोकास्था के महापर्व छठ का आज तीसरा दिन है। छठ की छठा पूरे देश में छाय हुई है। महिलाओं का 36 घंटे का व्रत कल से ही शुरु हो गया था। आज यानि 30 अक्टूबर को इस महापर्व पर शाम के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद अगले दिन यानी 31 अक्तूबर  को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का संकल्प पूरा किया जाएगा।

छठ पर्व को कई नामों से जाना जाता है। जैसे डाला छठ, सूर्य षष्ठी और छठ पूजा। छठ का त्योहार मुख्य रूप से भगवान सूर्य और छठी माता की पूजा और उपासना का त्योहार है। ये व्रत संतान की लंबी आयु और अरोग्यता के लिए छठी माता से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए रखा जाता है।

आइए जानते हैं आज छठ पूजा के तीसरे दिन का संध्या अर्घ्य का मुहूर्त।

छठ पूजे के तीसरे दिन का महत्व

आज छठ महापर्व का तीसरा दिन है। आज के दिन छठी मैया की पूजा के लिए प्रसाद बनाया जाता है और शाम को सूर्यास्त के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। वहीं अर्घ्य देने के लिए पहले सांय काल में बांस की टोकरी में छठ पूजा में शामिल सभी पूजा सामग्री, फल और पकवान को अर्घ्य के सूप में सजाया जाता है। इससी के साथ छठ के प्रसाद से भरे हुए सूप से छठी मइया की पूजा की जाएगी है।

छठ पूजा: संध्या अर्घ्य का समय

छठ पूजा का तीसरा दिन ( 30अक्तूबर 2022)
(संध्या अर्घ्य) सूर्यास्त का समय: सायं  5:38 पर 

सूर्य देव को अर्घ्य देने की विधि

1. छठ पूजा में सूर्यदेव और छठी मइया की पूजा की जाती है।

2. षष्ठी तिथि पर सभी पूजन सामग्री को बांस के डाले और सूप में रख लें।

3. अब डाला लेकर नदी, तालाब या किसी घाट पर जाएं।

4. इसके बाद नदी, तालाब, घाट या किसी जल में प्रवेश करके मन ही मन सूर्य देव और छठी मैया को प्रणाम करें।

5. अब ढलते हुए सूर्य को अर्घ्य दें।

6. सूर्य को अर्घ्य देते समय "एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते, अनुकम्पय मां देवी गृहाणार्घ्यं दिवाकर" मंत्र का उच्चारण करें।

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