Parliament Monsoon Session: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में फेरबदल को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि सितंबर या अक्टूबर में केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल किया जा सकता है। हालांकि, फिलहाल सरकार की प्राथमिकता संसद में अहम विधेयकों को आगे बढ़ाना है। जानकारी के अनुसार, सरकार सबसे पहले परिसीमन विधेयक और "वन नेशन, वन इलेक्शन" से जुड़े विधेयक पर ध्यान दे रही है। सरकार चाहती है कि इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर संसद के मानसून सत्र में आगे बढ़ा जाए। इसके बाद ही मंत्रिमंडल में बदलाव पर फैसला लिया जा सकता है।
सरकार क्यों नहीं लेना चाहती कोई फैसला?
सूत्रों के मुताबिक, सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहती क्योंकि लोकसभा और राज्यसभा दोनों में उसके पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है। ऐसे में सरकार पहले अपने प्रमुख विधायी एजेंडे को पूरा करने पर फोकस कर रही है। कैबिनेट फेरबदल में देरी की एक वजह प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का व्यस्त कार्यक्रम भी माना जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आंध्र प्रदेश के दौरे पर हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई के पहले और दूसरे सप्ताह में कई विदेश यात्राओं और देश के कार्यक्रमों में व्यस्त रहेंगे। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार के लिए समय निकालना आसान नहीं माना जा रहा है।
कब शुरू होगा मानसून सत्र
बताया जा रहा है कि संसद का मानसून सत्र जुलाई के तीसरे सप्ताह, यानी करीब 20 जुलाई से शुरू हो सकता है। अगर सरकार सत्र से पहले कैबिनेट में बदलाव करती है, तो नए मंत्रियों को अपने विभाग और संसद की तैयारी के लिए बहुत कम समय मिलेगा। हालांकि, इससे पहले भी संसद सत्र से ठीक पहले मंत्रिमंडल में फेरबदल किया जा चुका है।
पहले हो चुके हैं बदलाव
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में अब तक चार बार बड़े स्तर पर मंत्रिमंडल में बदलाव हो चुके हैं। पहला विस्तार नवंबर 2014 में हुआ था, जब 21 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। इसके बाद जुलाई 2016 में 19 नए मंत्री बनाए गए और पांच मंत्रियों को हटाया गया। सितंबर 2017 में हुए फेरबदल में नौ नए मंत्री शामिल किए गए, चार मंत्रियों को पदोन्नति मिली और छह मंत्रियों को हटाया गया।
कब हुआ था सबसे बड़ा बदलाव?
सबसे बड़ा बदलाव 7 जुलाई 2021 को हुआ था। उस समय 12 वरिष्ठ मंत्रियों को हटाया गया और 36 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई। इसमें कई बड़े नाम भी शामिल थे। फिलहाल सरकार की ओर से कैबिनेट फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सभी की नजर आने वाले महीनों में होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम और सरकार के अगले फैसलों पर टिकी हुई है।
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