
Uttar Pradesh Excise Policy: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षा में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई थी। इस बैठक में उत्तर प्रदेश आबकारी नीति में बदलाव को मंजूरी दे दी गई है। नई नीति के आने के बाद ग्राहकों को सहूलियत होगी। वहीं, दुकानदारों के प्रति सख्ती बढ़ा दी गई है। क्योंकि, इस बार पुराने लाइसेंस को रिन्यूवल कराने का विकल्प नहीं दिया गया है। हालांकि, वर्ष 2026-27 में लाइसेंस रिन्यूवल का मौका दिया जाएगा।
एक दुकान की व्यवस्था
सूत्रों के अनुसार, नई आबकारी नीति के तहत उत्तर प्रदेश को पहली बार कंपोजिट दुकानों का लाइसेंस भी जारी किया जाएगा। जिसमें विदेश शराब , बीयर और वाइन की बिक्री एक साथ होगी। हालांकि, दुकानों पर बैठकर पीने की अनुमति नही दी जाएगी। नई नीति के तहत 55 हजार करोड़ राजस्व जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जो पिछले वित्तीय वर्ष से 4000 करोड़ रुपए ज्यादा है। इस बार कोई भी व्यक्ति, फर्म या कंपनी दो से अधिक लाइसेंस नहीं ले पाएगी।
अब 60 और 90 एमएल के बोतल भी मिलेगी
नई आबकारी नीति के तहत मॉल्स के मल्टीप्लेक्स एरिया में प्रीमियम ब्रांड की दुकानें खोलने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, अगर किसी की आपत्ति दर्ज नहीं कराने पर हवाई अड्डों, मेट्रो व रेलवे स्टेशनों के मुख्य भवन में शराब की प्रीमियम रिटेल दुकानें खोलने की अनुमति दी जाएगी। इनका मुख्य द्वार भवन के अंदर होने की बाध्यता खत्म कर दी गई है। वहीं, पहली बार विदेशी शराब 60 एमएल और 90 एमएल की बोतलों में उपलब्ध होगी।
टैक्स भरने वालों को मिलेगा लाइसेंस
नई नीति के तहत लाइसेंस के लिए सालाना फीस 11 हजार रुपए और सिक्योरिटी मनी 11 रुपए देनी होगी। वहीं, लाइसेंस उन लोगों को ही मिलेगा, जो तीन वर्ष से लगातार आयकरदाता होंगे। उन्हें अपना आयकर रिटर्न भी दाखिल करना होगा। इसमें न्यूनतम दो वर्षों में आवेदक द्वारा न्यूनतम 20 फीसदी श्रेणी में आयकर का भुगतान किया गया हो। यदि कृषि आय से 20 प्रतिशत आयकर स्लैब में आने के बावजूद किसी आवेदक ने टैक्स जमा कर दिया है, तब ऐसे आवेदकों भी लाइसेंस दिया जाएगा।
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