कहां से शुरू हुई +91 की कहानी, फोन मिलाते ही मोबाइल पर दिखाई देते है ये नंबर

कहां से शुरू हुई +91 की कहानी, फोन मिलाते ही मोबाइल पर दिखाई देते है ये नंबर

नई दिल्ली: रोजमर्रा की जिंदगी आप फोन का इस्तेमाल तो बहुत करते होंगे, फोन पर बात भी जरूर करते होंगे और नंबर मिलाते वक्त +91 का प्रयोग भी करते होंगे। लेकिन क्या अपने कभी +91 के बारे में सोचा है कि हम इसका ही इस्तेमाल क्यों करते हैं? भारत में बहुत सारे लोग जानते भी होंगे कि +91 हमारा कंट्री कोड है, इसलिए इसका इस्तेमाल होता है। लेकिन आपने कभी सोचा है यही नंबर ही क्यों इस्तेमाल होता है क्या इसके पीछे कोई वजह है, अगर हां, तो चलिए हम आपको बताते है इसी नंबर को इस्तेमाल करने के पीछे का राज, कौन देते है ये नबंर, क्या है इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन? आए जानते है इससे जुड़े सभी राज

क्या है इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन

बता दें हर देश का अपना कंट्री कोड होता है। जिसके इस्तेमाल से हम कभी भी कहीं भी किसी को भी फोन कर सकते है। वहीं टेक्निकल भाषा में बात कि जाए तो कंट्री कॉलिंग वो कोड है जिसका इस्तेमाल फोन नंबर के आगे होता है यानि प्रीफिक्स होता है। इसकी मदद से इंटरनेशन टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) के मेंबर या रिजन में मौजूद टेलीकफोन सब्सक्राइबर्स से जुड़ा जा सकता है।

यानि अगर भारत का कोड 91 है और आपकों पाकिस्तान फोन मिलाना है तो अपको फोन नंबर के साथ 92 कोड का इस्तेमाल करना होगा। इससी कोर्ड को इंटरनेशनल सब्सक्राइबर्स डायलिंग भी कहा जाता है।

बता दें ITU एक स्पेशल एजेंसी बै जो कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी से जुड़े मुद्दों पर काम करती है। जिसकी स्थापना 17 मई 1865 को इंटरनेशनल टेलीग्राफ यूनियन के तौर पर हुई थी। इसका हेडक्वार्टर जेनेवा में है। कुल 193 देश इस यूनियन का हिस्सा हैं। कंट्री कोड देना इसके काम का एक हिस्सा है। यानी भारत को +91 कोड इसी एजेंसी ने दिया है।

क्यों मिला भारत को +91 कोड?

दरअसल कंट्री कोड नंबरिंग का एक हिस्सा है। जिसके इस्तेमाल से एक देश से दूसरे देश में कॉलिग कि जा सकती है। ये एक यूनिक कोर्ड होता है जो ऑटोमेटिक फोन मिलाने पर लग जाता है। लेकिन किसी इंटरनेशनल नंबर को डायल करने के लिए आपको इस कोड यानी जब आप अपने ही देश में किसी दूसरे लोकल यूजर को कॉल करते हैं, तो ये कोड ऑटोमेटिक लग जाता है। मगर इंटरनेशन कॉल में आपको इस कोड का इस्तेमाल अलग से करना होता है।

वहीं बता दें किस देश को कौन सा कोड मिलेगा इसका फैसला उनके जोन और जोन में उनके नंबर के आधार पर होता है। भारत 9वीं जोन का हिस्सा है, जिसमें ज्यादातर मिडिल ईस्ट और साउथ एशिया के देश हैं। ऐसे में यहां भारत को 1 कोड मिला है। इसलिए भारत का इंटरनेशन डायलिंग कोड +91 है। वहीं तुर्की का कोड +90, पाकिस्तान का +92, अफगानिस्तान का +93, श्रीलंका का +94 है।

 

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