
India's most unique temple: कुछ महीने पहले बाबा का बुलडोजर की काफी चर्चाएं हो रही थी। इस चर्चा में बाबा का बुलडोजर कई अवैध कामों पर चला और कई अवैध बनाएं घरो पर चला। लेकिन बाबा का बुलडोजर का काम केवल तोड़ने-फोड़ने के लिए नही किया जाता है इससे हलवा-चूरमा भी बनाया जाता है। अब आप सोच रहें होंगे कि ऐसे थोड़ी होता है। बुलडोजर से चूरमा और हलवा कैसे बनता है?तो चलिए आज हम आपको भारत के एक अनोखे मंदिर के बारे में बताते है जिसमें खाना बनाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया जाता है।
भारत का सबसे अनोखा मंदिर
राजस्थान में भिंड के खनेता स्थित विजय राम धाम स्थित रघुनाथ मंदिर में सात दिवसीय सनातन धर्म महासम्मेलन चल रही है। यह 30 जनवरी से 6 फरवरी तक आयोजित किया गया है, लेकिन इसकी भारत में काफी चर्चा हो रही है। कहा जा रहा है कि इस मंदिर में खाना बनाने के लिए जेसीबी और मिक्सर जैसी बड़ी मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है। तो इसमें कितनी सच्चाई है चलिए आपको बताते है।
जेसीबीसे चूरमा और थ्रेसर से पिसाई
दरअसल, भिंड जिले के खनेता गांव स्थित विजय राम धाम रघुनाथ मंदिर पर चल रहे सनातन धर्म महासम्मेलन कार्यक्रम में देश के चारों मठों के पीठाधीश्वर शंकराचार्य देश के कोने-कोने से सनातन धर्म के प्रकांड विद्वान पहुंचकर सनातन धर्म के गूढ़ रहस्यों से धर्म प्रेमियों को परिचित करवा रहे हैंऔर प्रतिदिन एक लाख से अधिक धर्म प्रेमी लोग पहुंच यहां पहुंच रहे हैं। उनके लिए भंडारा प्रसादी बनाने के लिए बड़ी-बड़ी मशीनों का उपयोग हो रहा है, जिसमें बुलडोजर और मिक्सर जैसी मशीनें शामिल है। इस मंदिर में जेसीबीसे चूरमा और थ्रेसर से पिसाई होती है।
भोजन बनाने के लिए बड़ी-बड़ी मशीनों का हो रहा इस्तेमाल
यहां सब्जी बनाने के लिए बड़े-बड़े कड़ाहे मंगाए गए हैं, तो उन्हीं कड़ाहों में से सब्जी और खीर निकालने के लिए जेसीबी मशीन का उपयोग किया जा रहा है। खीर बनाने के लिए प्रतिदिन सात हजार लीटर दूध से भरा हुआ टैंकर पहुंच रहा है, तो वहीं मालपुआ का घोल बनाने के लिए मिक्सर मशीन का उपयोग किया जा रहा है। पूरी बनाने के लिए आटा गूंदने की एक बड़ी मशीन बुलाई गई है। सभी सामानों को भरने के लिए 50 से अधिक ट्रैक्टर ट्रॉली लगाए गए हैं, जिनमें भरकर सामान रसोई घर से पंगत के सेक्टरों तक पहुंचाया जा रहा है।
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