Punjab News:पंजाब में एक बार फिर बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है। अमृतसर में असिस्टेंट सब-इंसपेक्टर हरजीत सिंह की गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। इस घटना की जिम्मेदारी आतंकी संगठन तहरीक ए तालिबान ने ली है।
दरअसल, हरजीत सिंह जब सुबह गश्त पर थे। उस वक्त वह भगतांवाला दाना मंडी के पास थे, उसी दौरान अचनाक ने दो आतंकियों ने उनपर गोलियां चला दी। जिससे उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। अब सवाल उठ रहा है कि आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान क्या है।
क्या है तहरीक-ए-तालिबान
अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद तहरीक ए तालिबान हिंदुस्तान का पोस्टर दिखा हैं। यह संगठन पहले भी पंजाब में हुए कई मामलों में शामिल रहा है। बताया जा रहा है कि यह कोई स्वतंत्र आतंकी संगठन नहीं है। इसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का एक प्रॉक्सी नेटवर्क बताया गया है। जिसे पंजाब और दिल्ली एनसीआर में वारदात को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इससे पहले भी पंजाब में इस संगठन ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया है।
शहजाद भट्टी से भी जुड़ा नाम
तहरीक-ए-तालिबान का असली मास्टरमांइड आतंकी शहजाद भट्टी को बताया जा रहा है। जो पाकिस्तान से नेटवर्क को चलाता है। शहजाद भट्टी ही सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स भेजकर पंजाब के स्थानीय अपराधियों और युवाओं को पैसों का लालच दिए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद वह पुलिसकर्मियों पर हमले करवाता है।
पंजाब पुलिस करने वाली है कार्रवाई
वहीं, पंजाब पुलिस महानिदेशक ने घटना के बाद एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। जिसमें पूरे मामले की जांच की जाएगी। पुलिस और खुफिया अधिकारियों का कहना है कि वह पूरे मामले की जांच कर रहे हैं लेकिन, ये घटना पाकिस्तान प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद का हिस्सा माना जा रहा है।