
Cyber Security Alert:साइबर सिक्योरिटी की दुनिया में एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां 14 करोड़ से ज्यादा यूजरनेम और पासवर्ड लीक हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह डेटा लीक इन्फो-स्टीलर मालवेयर से जमा किया गया था और एक अनसिक्योर्ड डेटाबेस में रखा गया था, जो बिना किसी पासवर्ड प्रोटेक्शन के पब्लिकली एक्सेसिबल था। साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर जेरेमिया फाउलर ने इसकी खोज की और होस्टिंग प्रोवाइडर को रिपोर्ट किया, जिसके बाद डेटाबेस को हटा दिया गया। इस लीक में कुल 149,404,754 यूनिक लॉगिन क्रेडेंशियल्स शामिल हैं, जो 96 जीबी रॉ डेटा का हिस्सा हैं।
कई प्लेटफॉर्म्स के अकाउंट्स प्रभावित
इस बड़े डेटा लीक में कई प्लेटफॉर्म्स के अकाउंट्स शामिल हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित Gmail के 4.8 करोड़ अकाउंट्स हैं, इसके अलावा फेसबुक के 1.7 करोड़, इंस्टाग्राम के 65 लाख, नेटफ्लिक्स के 34 लाख, याहू के 40 लाख, आउटलुक के 15 लाख, आईक्लाउड के 9 लाख और .edu डोमेन के 14 लाख अकाउंट्स लीक हुए हैं। अन्य प्लेटफॉर्म्स में टिकटॉक (7.8 लाख), ओनलीफैंस (1 लाख), बाइनेंस (4.2 लाख), एक्स, डेटिंग साइट्स, स्ट्रीमिंग सर्विसेज जैसे एचबीओ मैक्स, डिज्नी प्लस, रॉब्लॉक्स, फाइनेंशियल सर्विसेज, क्रिप्टो वॉलेट्स और कई देशों के .gov डोमेन शामिल हैं।
यह डेटा मालवेयर से संक्रमित डिवाइसेज से चुराया गया था, जिसमें ईमेल, यूजरनेम, पासवर्ड, लॉगिन यूआरएल और होस्ट पाथ शामिल हैं। रिसर्चर के मुताबिक, यह डेटा विश्व स्तर पर फैले इन्फो-स्टीलर मालवेयर से कलेक्ट किया गया था, जो कीलॉगिंग जैसी तकनीकों से यूजर्स के क्रेडेंशियल्स चुराता है।
कैसे चेक करें अपना अकाउंट
अगर आप Gmail या अन्य प्रभावित प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करते हैं, तो तुरंत चेक करें कि आपका डेटा लीक हुआ है या नहीं। इसके लिए विश्वसनीय टूल्स जैसे 'Have I Been Pwned?' (haveibeenpwned.com) का इस्तेमाल करें। यहां अपना ईमेल आईडी डालकर देखें कि यह किसी डेटा ब्रीच का हिस्सा तो नहीं। अगर हां, तो तुरंत पासवर्ड चेंज करें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) इनेबल करें। इसके अलावा अपने अकाउंट की लॉगिन हिस्ट्री चेक करें। फेल्ड लॉगिन अटेम्प्ट्स की जांच करें। अगर मालवेयर का शक हो, तो एंटीवायरस स्कैन चलाएं।
खुद को कैसे बचाएं?
1, पासवर्ड मैनेजर यूज करें:मजबूत, यूनिक पासवर्ड जनरेट और स्टोर करें। 2FA को सपोर्ट करने वाले मैनेजर चुनें।
2. एंटीवायरस इंस्टॉल करें:रेगुलर अपडेट रखें और मालवेयर स्कैन करें।
3. ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट रखें:ऐप परमिशन्स रिव्यू करें, कीबोर्ड सेटिंग्स चेक करें और ऐप्स केवल ऑफिशियल स्टोर्स से डाउनलोड करें।
4. पासवर्ड रीयूज न करें:हर अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड रखें।
5. बायोमेट्रिक प्रोटेक्शन इनेबल करें:फिंगरप्रिंट या फेस आईडी का इस्तेमाल करें।
6.अगर संक्रमण का शक हो, तो सिर्फ पासवर्ड चेंज न करें – पहले मालवेयर रिमूव करें
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