Jharkhand Students Protest: झारखंड में परीक्षा पेपर लीक और भर्ती में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे प्रदर्शन में अब पांच छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। झारखंड में परीक्षा पेपर लीक और भर्ती में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे प्रदर्शन में अब पांच छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
सरकार ने की पहल शुरू
वहीं, हेमंत सोरेन सरकार ने छात्रों से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने की पहल शुरू कर दी है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले पांच दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। गुरुवार को उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी बातचीत के लिए अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे। हालांकि, छात्रों ने पहले बंद कमरे में होने वाली बातचीत से इनकार कर दिया था। उनका कहना है कि सरकार से बातचीत खुले मंच पर या मीडिया और कैमरों की मौजूदगी में होनी चाहिए।
छात्र कर रहे ये मांग
यह आंदोलन 25 जुलाई से JPSC-JSSC सुधार मंच के बैनर तले शुरू हुआ था। छात्रों का आरोप है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं हो रही हैं। प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड PSC सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की जांच सीबीआई या राज्य के बाहर के रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों की समिति से कराने की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने JPSC और JSSC में बड़े स्तर पर सुधार की भी मांग उठाई है। आंदोलन के बढ़ते दबाव के बीच पांच प्रदर्शनकारी, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं, देवेंद्र नाथ महतो के साथ भूख हड़ताल में शामिल हो गए। इस बीच महतो की तबीयत भी बिगड़ने लगी थी। उनका ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर काफी गिर गया था।
वांगचुक ने भी देवेंद्र नाथ महतो से बात
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी देवेंद्र नाथ महतो से फोन पर बातचीत की और उनसे स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पानी पीने की अपील की। वांगचुक की अपील के बाद महतो ने पानी पीना शुरू कर दिया, लेकिन उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया। उधर, हेमंत सोरेन सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए मंत्रियों और अधिकारियों की एक कमेटी बनाई है। रांची के एसडीओ कुमार रजत और एडीएम धनंजय कुमार प्रदर्शन स्थल पहुंचे और छात्रों को मुख्यमंत्री आवास पर पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत का न्योता दिया।
पेपर लीक की समस्या युवाओं की बड़ी चिंता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पेपर लीक की समस्या सिर्फ झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के युवाओं की बड़ी चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों की मांगों पर विचार किया जाएगा और जल्द ही समाधान निकाला जाएगा। इस मामले में सीआईडी की जांच भी जारी है। अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी ने कई जिलों में छापेमारी भी की है। वहीं, छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची विधानसभा क्षेत्र के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 6 से 12 अगस्त तक विधानसभा के 750 मीटर क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अब सभी की नजर 7 और 10 अगस्त को होने वाले छात्र आंदोलन पर है।
Also read: केजरीवाल ने Meta पर लगाया गंभीर आरोप, बोले- दबाव में आकर कंपनी ने उनका अकाउंट प्रतिबंधित कर दिया