
जैसलमेर: आजादी के 75 साल पूरे होने के अवसर को केंद्र सरकार द्वारा देश भर में अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत ही इस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश भर के साथ जैसलमेर में भी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान शुरू किया गया है। जिसमें जैसलमेर के करीब 1 लाख घरों पर 13 से 15 अगस्त तक राष्ट्रीय ध्वज फहराने को लेकर जागरूक किया जा रहा है। इन तीन दिनों में ध्वजारोहण के लिए केंद्र सरकार द्वारा ध्वज संहिता में भी बदलाव कर दिया गया है। जिसके तहत अब सूर्यास्त के बाद भी घर या किसी भी भवन पर तिरंगा फहराया जा सकता है ताकि इन तीन दिनों में राष्ट्रीय ध्वज को उतारना नहीं पड़े। इसके साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा भी आमजन को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करते हुए हर घर पर तिरंगा फहराने का आह्वान किया जा रहा है। सरकारी उपक्रमों द्वारा भी सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को इस अभियान से जोड़ने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए है।
आजादी के बाद आम लोगों को अपने घर पर तिरंगा फहराने का अधिकार नहीं था। जिसके बाद 1996 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि तिरंगा फहराना देश के हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। इस फैसले के बाद पीडी शेनॉय के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया। 2002 में फ्लैग कोड यानी ध्वज संहिता लागू करते हुए आमजन को भी तिरंगा फहराने का अधिकार मिल गया। यह ध्वज संहिता 26 जनवरी 2022 से लागू हो गई।केंद्र सरकार द्वारा अमृत महोत्सव के चलते ध्वज संहिता में दो बड़े बदलाव किए हैं। अब तिरंगे को रात में भी फहराया जा सकता है। इससे पहले तिरंगा सिर्फ सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही फहराया जा सकता था। लेकिन अब ध्वज संहिता में बदलाव के बाद 24 घंटे घर पर तिरंगा फहरा सकेंगे। इस बदलाव के बाद अब आम लोग, निजी संगठन या संस्थान दिन और रात तिरंगा फहरा सकते हैं। इसके साथ ही अब तक हाथ से बुना और काता हुआ ऊन, कपास या रेशमी खादी से बना राष्ट्रीय ध्वज ही फहराने की इजाजत थी। लेकिन अब मशीन से बना हुआ कपास, ऊन या रेशमी खादी से बना तिरंगा भी फहराया जा सकेगा। इतना ही नहीं अब पॉलिएस्टर से बना तिरंगा भी फहराया जा सकता है।
7 अगस्त 1936 को जन्मे गोपीवल्ल्भ भाटिया स्वतंत्रता से पूर्व आजादी के संघर्ष में बाल टोलियो के सेनानी रहे।आजादी के लिए किए गए संघर्ष से लेकर आजादी और उसके बाद आज 75 वर्ष की शौर्य गाथा के सच्चे गवाह है।न्यूज 18 राजस्थान टीम जब उनके घर पहुंची और हर घर तिरंगा अभियान की बात की तो को वह काफी उत्साहित हो गए।उन्होंने बताया कि मेरा जन्म 7 अगस्त 1936 का है और मैं आजादी का बाल सिपाही भी रहा हूं। उस वक्त जो कांग्रेस की टीम थी स्वतंत्रता सेनानी सत्यदेव व्यास, ताराचंद जगाणी, शिव शंकर भा गोपा उनके साथ हम जुलूस और प्रभात फेरी निकालते थे।हर घर तिरंगा अभियान के पल गौरवान्वित इसलिए है क्योकि जो आजादी के वक्त हमने सपना देखा था वो आज साकार होता दिख रहा है। नव भारत का उदय हुआ और देश दी 1947 में आजादी के रुप मे जो जन्म लिया था वह आज परिपक्व अवस्था में आ गया है। जिसको प्रकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा साथ मिला है। देश का अच्छा मार्गदर्शन हो रहा है। देश की प्रगति को अब कोई नहीं रोक सकता है।
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