1800 किमी की स्पीड.... निशाना अचूक, दुश्मनों के काल VSHORADS डिफेंस सिस्टम कयों है खास?

1800 किमी की स्पीड.... निशाना अचूक,  दुश्मनों के काल VSHORADS डिफेंस सिस्टम कयों है खास?

DRDO Going To Launch VSHORADS: DRDO ने इसका ओडिशा के चांदीपुर  VSHORADS का तीन बार सफल परीक्षण किया गया है। अब VSHORADS डिफेंस सिस्टम को बहुत जल्द ही मोर्चे पर तैनात किया जाएगा। ताकी पाकिस्तान और चीन को मुहतोड़ जवाब दिया जाएगा। 

VSHORADS एयर डिफेंस सिस्टम रूस के S-400 जैसा है। अभी तक इसे जमीन पर रखे पोर्टेबल लॉन्चर से दागा जाता था। अब तक लॉन्चर को ट्रक, बख्तरबंद वाहन, टैंक आदि पर भी तैनात किया जाता है। यानी इसे आसानी से चीन सीमा से सटे हिमालय या पाकिस्तान से सटी रेगिस्तान सीमा पर तैनात कर सकते हैं।

VSHORADS का निशाना अचूक               

VSHORADS डिफेंस सिस्टम से विमान, फाइटप जेट, हेलिकॉप्टर या ड्रोन को मार गिराया जा सकता है। VSHORADS को बनाने में डीआरडीओ की मदद से हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर में की गई है। इस मिसाइल में कई करह की नई आधुनिक तकनीकें लगी है। जैसे-ड्यूल बैंड आईआईआर सीकर, मिनिएचर रिएक्शन कंट्रोल सिस्टम इंटीग्रेटेड एवियोनिक्स  से लैस है।  इसकी मारक क्षमता 250मीटर से 6 किमी है। यह अधिकतम 11,500 फीट की ऊचाई तक जा सकता है। इसकी स्पीड 1800 किमी प्रतिघंटा है।

हल्का मारक और अचूक निशाना

VSHORADS का प्रोपल्शन सिस्टम ड्यूल थ्रस्ट सॉलिड मोटर है, जो इसे तेज गति प्रदान करता है. इस मिसाइल का इस्तेमाल भारतीय सेनाएं एंटी-एयरक्राफ्ट वॉरफेयर में कर सकती है।  VSHORADS का वजन 20.5 kg है. इसकी लंबाई करीब 6.7 फीट है और व्यास 3.5 इंच. यह अपने साथ 2 kg वजन का हथियार ले जा सकता है।  

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