
नई दिल्ली: दुनिया के इतिहास में कई ऐसी घटनाएं हुई है जिनके रहस्य से आज तक कोई पर्दा नहीं उठा सका है। इतिहास के इन रहस्यों को कई इतिहासकारों और वैज्ञानिकों ने सुलझाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। वहीं आज हम आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताने वाले है, जो शायद आपको ना पता हो। दरअसल, स्पेन में विज्ञानिकों को एक ऐसा अवशेष मिला है, जिससे देखकर वैज्ञानिक भी परेशान हो गए थे।
बता दें कि स्पेन में मिले विशालकाय कछुए के जीवाश्म को लेकर वैज्ञानिकों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि विशालकाय कछुओं को लेकर पहले यही धारणा थी कि यह केवल नॉर्थ अमेरिका के समुद्री इलाके में पाए जाते है। हालांकि हकीकत इससे अलग है। वैज्ञानिकों ने स्पेन में मिले इस अज्ञात प्रजाति के कछुए के बारे में कहा कि यह युरोप में पाया जाने वाला अब तक का सबसे बड़ा समुद्री कछुआ है। शुरूआत में वैज्ञानिकों को यह कछुआ ना लगकर अन्य जानवर लगता था। वहीं जानकारी के मुताबिक कछुए का अवशेष 2016 में स्पेन के पिरनी पहाड़ पर एक पर्वतारोही को मिला था। कछुए की इस प्रजाति को Leviathanochelys aenigmatica नाम दिया गया है।
वहीं हड्डियों के टुकड़ों से इस बात का अनुमान लगाया गया है कि Leviathanochelys प्रजाति के इन कछुओं की लंबाई करीब 3.7 मीटर (12.1 फीट) हुआ करती थी। जो करीब 3.7 मीटर (12.1 फीट) हुआ करती थी। जो करीब करीब एक सेडान कार के बराबर है। स्टडी में शामिल अल्बर्ट सेलेस का कहना है कि हमें इस बात की उम्मिद नहीं थी कि इस तरह की कोई चीज मिलेगी। हड्डियों के विश्लेषण के बाद हमें आभार हुआ कि इस प्रजाति में पाए जाने वाले फीचर पूरी तरह से अलग है। आज तक जितने भी कछुए के जीवाश्म मिले है, उनमें यह पूरी तरह अलग है। सेलेस ने आगे कहा कि शुरूआत में तो कई रिसर्चर्स को यह लगता था कि यह कछुए से इतर किसी दूसरे जानवर की हड्डियां है।
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