Bihar News: बिहार के निवासियों को प्रभावित करने वाले कई नियम और प्रक्रियाएं 1 अक्टूबर, 2026 से बदलने जा रही हैं । इन परिवर्तनों में एलपीजी सब्सिडी प्रमाणीकरण, बच्चों के आधार कार्ड का अद्यतन, एसबीआई बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खाते, बड़ी सावधि जमा, उर्वरक खरीद और संपत्ति कर शामिल हैं। अक्टूबर शुरू होने से पहले निवासियों को इन सात प्रमुख बदलावों के बारे में पता होना चाहिए। एलपीजी सब्सिडी के लिए आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा।
बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण
बिहार में रियायती दरों पर घरेलू एलपीजी रिफिल कराने के इच्छुक उपभोक्ताओं को 1 अक्टूबर से बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा करना होगा। जिन उपभोक्ताओं ने प्रमाणीकरण प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है, उन्हें इसे दोहराने की आवश्यकता नहीं होगी। जिन्होंने अभी तक इसे पूरा नहीं किया है, वे एलपीजी डिलीवरी के दौरान, गैस एजेंसी के शोरूम में या संबंधित तेल कंपनी के ऐप के माध्यम से ऐसा कर सकते हैं।
जन्म और मृत्यु के विलंबित पंजीकरण
जन्म और मृत्यु के विलंबित पंजीकरण से संबंधित नियमों में भी 1 अक्टूबर से बदलाव आएगा। यदि पंजीकरण में एक वर्ष से अधिक की देरी होती है , तो जिला मजिस्ट्रेट, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट या किसी अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट से अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक होगा। दो साल से अधिक की देरी के लिए , प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश की आवश्यकता होगी। इन बदलावों के चलते जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वाले परिवारों के लिए समय पर पंजीकरण कराना महत्वपूर्ण हो गया है।
बीएसबीडी में बदलाव
एसबीआई बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (बीएसबीडी) खाते वाले ग्राहकों को बिना किसी शुल्क के प्रति माह चार बार नकद निकासी की अनुमति होगी। चार बार मुफ्त निकासी के बाद, अतिरिक्त नकद निकासी पर 15 रुपये और जीएसटी का शुल्क लगेगा । AePS के माध्यम से की गई नकद निकासी भी चार निःशुल्क लेनदेनों में गिनी जाएगी। यह नियम विशेष रूप से BSBD खातों पर लागू होता है, न कि सभी SBI बचत खातों पर।
बड़ी सावधि जमाओं से संबंधित स्पष्टीकरण भी 1 अक्टूबर से लागू होगा। 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की एकमुश्त सावधि जमा को थोक जमा के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। इसका यह अर्थ नहीं है कि सावधि जमा में निवेश की जा सकने वाली अधिकतम राशि 3 करोड़ रुपये है। यह वर्गीकरण लागू थोक जमा नियमों के अनुसार है, जबकि सामान्य छोटी सावधि जमाओं पर यह नियम लागू नहीं होता।
आधार कार्ड विवरण अपडेट
7 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के आधार कार्ड विवरण को अपडेट करने वाले अभिभावकों को 30 सितंबर की समय सीमा का ध्यान रखना चाहिए। इस आयु वर्ग के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट 30 सितंबर, 2026 तक निःशुल्क है। 1 अक्टूबर से लागू शुल्क 125 रुपये होगा । इसलिए, जो माता-पिता मुफ्त अपडेट के लिए पात्र हैं, उन्हें अंतिम तिथि का ध्यान रखना चाहिए।
र्वरक खरीद के लिए एक डिजिटल सुविधा
बिहार में उर्वरक खरीद के लिए एक डिजिटल सुविधा भी शुरू की जा रही है। फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (FFS) ऐप के माध्यम से किसान अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके खाद बुक कर सकते हैं। बुकिंग पूरी होने के बाद, वे क्यूआर कोड का उपयोग करके निर्धारित दुकान या केंद्र से खाद प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा बिहार के विभिन्न जिलों में लागू की जा रही है।
बकाया संपत्ति कर का भुगतान
पटना नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संपत्ति मालिकों के पास वर्तमान समय सीमा के तहत अपने बकाया संपत्ति कर का भुगतान करने के लिए 30 सितंबर तक का समय है। 1 अक्टूबर से, लागू नियमों के तहत बकाया कर राशि पर 1.5% मासिक ब्याज लागू होगा। इसलिए संपत्ति मालिकों को अपने कर बकाया की जांच करनी चाहिए और अतिरिक्त मासिक शुल्क से बचने के लिए समय सीमा से पहले भुगतान पूरा कर लेना चाहिए।
इन पर दे ध्यान
परिवारों को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाले परिवर्तनों में एलपीजी आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट के लिए 125 रुपये का शुल्क और एसबीआई बीएसबीडी निकासी नियम शामिल हैं। किसानों को डिजिटल उर्वरक बुकिंग सुविधा पर भी ध्यान देना चाहिए, वहीं पटना में संपत्ति मालिकों को 1 अक्टूबर से लागू होने वाले ब्याज से बचने के लिए 30 सितंबर तक अपना बकाया चुका देना चाहिए। इनमें से कई बदलाव विशिष्ट समयसीमाओं से जुड़े होने के कारण, निवासियों को नए नियम लागू होने से पहले सभी लंबित आवश्यकताओं को पूरा कर लेना चाहिए।
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