LPG Subsidy: घरेलू एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर है। 1 अक्टूबर 2026 से एलपीजी सब्सिडी का लाभ लेने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (BAA) जरूरी होगा। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें 1 अक्टूबर के बाद नई एलपीजी बुकिंग पर सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी दी है। मंत्रालय के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा कर लिया है, उन्हें इसे दोबारा कराने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे ग्राहकों को पहले की तरह एलपीजी सिलेंडर और लागू सब्सिडी मिलती रहेगी। वहीं, जिन लोगों का BAA अभी बाकी है, उन्हें प्रमाणीकरण पूरा करने के बाद सब्सिडी के साथ रिफिल बुक करने की सुविधा शुरू हो जाएगी।
घर बैठे भी कर सकते हैं प्रमाणीकरण
उपभोक्ताओं के लिए BAA पूरा करने के कई विकल्प दिए गए हैं। एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मचारी OMC मोबाइल ऐप के जरिए मौके पर ही प्रमाणीकरण कर सकता है। इसके अलावा ग्राहक अपने एलपीजी वितरक के कार्यालय जाकर भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। घर बैठे मोबाइल ऐप से खुद ई-केवाईसी करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
इंडेन ग्राहक IndianOil ONE App, भारत गैस ग्राहक HelloBPCL App और एचपी गैस ग्राहक HP PAY App के जरिए प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। ई-केवाईसी से जुड़ा वीडियो ट्यूटोरियल PMUY पोर्टल पर भी उपलब्ध है।
27.43 करोड़ उपभोक्ताओं ने कराया BAA
मंत्रालय के अनुसार, 19 सितंबर 2026 तक देश में 27.43 करोड़ एक्टिव घरेलू एलपीजी उपभोक्ता बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा कर चुके हैं। यह कुल उपभोक्ताओं का करीब 89.9 प्रतिशत है। पहले इसकी अंतिम तारीख 30 जून तय की गई थी, लेकिन ग्राहकों को अतिरिक्त समय देने के लिए इसे कई बार बढ़ाया गया। आखिर में समय-सीमा 14 सितंबर 2026 तक की गई थी।
फर्जी और डुप्लीकेट कनेक्शन पर रोक
सरकार के मुताबिक, BAA का मकसद सब्सिडी वाले सिलेंडरों को सही और पात्र परिवारों तक पहुंचाना है। इससे डुप्लीकेट और अयोग्य कनेक्शन की पहचान करने और सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल की संभावना कम करने में मदद मिलेगी। सरकार का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी भी वास्तविक और पात्र परिवार को एलपीजी से वंचित करना नहीं है।