Rift In TMC:पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के सदम से अभी टीएमसी ऊभरी भी नहीं थी कि एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। टीएमसी नेताओं को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। अब मौके देखते हुए ममता बनर्जी का साथ अपनों ने भी छोड़ना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि एक-दो नहीं लगभग 59 विधायक अलग गुट बनाने के लिए तैयार हैं।
टीएमसी विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने विधानसभा स्पीकर से मुलाकात कर अपनी बात रखी है। वहीं, बगावती तेवर अपना चुके विधायकों का दावा है कि 59 दो-तिहाई से ज्यादा विधायक उकने समर्थन में हैं। ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने सोमवार को टीएमसी के कई विधायकों से मुलाकात की थी।
टीएमसी में दो फाड़
टीएमसी में गुटबाजी उस वक्त खुलकर सामने आ गई है। जब ममता बनर्जी ने सभी विधायकों की बैठक बुलाई। आलम ये हुआ है कि 80 में 10 विधायक भी बैठक में नहीं पहुंचे। लिहाजा बैठक को रद्द कर दिया गया। इसके अलावा 2 जून को बंगाल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने उतरी ममता बनर्जी के समर्थन में एक-दो विधायक और सांसद को छोड़कर कोई दिखाई नहीं दिया। इसके टीएमसी में दरार की कहानी साफ दिखाई देने लगी। इससे पहले टीएमसी के 100 पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया था। एक लोकसभा सांसद ने भी इस्तीफा दे दिया है। टीएमसी के कई नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
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करारी हार के बाद घमासान
विधानसभा चुनाव में टीएमसी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। 294 सीटों पर हुए चुनाव में टीएमसी को सिर्फ 80 सीटें मिली। वहीं, 207 सीटों के साथ भाजपा ने बहुमत हासिल किया और पहली बार बंगाल में सरकार बनाई। शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाया गया। चुनाव में मिली हार का साइड अफेक्ट टीएमसी में दिखने लगा। एक-एक कर कई नेता पार्टी से इस्तीफा देते चले गए या उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। वहीं, बागी नेताओं ने अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा है।