Operation Mule Hunt 1.0: गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CCOE) द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 1.0’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। इस ऑपरेशन के तहत 2289 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का बड़ा खुलासा किया गया है, जिसमें 913 म्यूल बैंक अकाउंट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई और 638 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
म्यूल अकाउंट्स क्या हैं और कैसे काम करते हैं?
बता दें, म्यूल अकाउंट्स वे बैंक अकाउंट्स होते हैं जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी के पैसे जमा करने, ट्रांसफर करने और लॉन्ड्रिंग के लिए करते हैं। कई बार ये अकाउंट्स निर्दोष लोगों के नाम पर भी खोले जाते हैं। अपराधी इन अकाउंट्स में पैसे जमा करवाते हैं, फिर ATM, चेक से निकालकर क्रिप्टोकरेंसी के जरिए आगे भेज देते हैं। इससे असली अपराधियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
'ऑपरेशन म्यूल हंट 1.0' की कामयाबी
'ऑपरेशन म्यूल हंट 1.0' साल 2025 में पूरे गुजरात में चलाई गई थी। इस फ्रॉड के जरिए 2289 करोड़ रुपये ठगे गए। पुलिस ने 913 म्यूल अकाउंट्स पर कार्रवाई की। वहीं, इस मामले में 565 FIR दर्ज कराई गई है। छानबीन करने के बाद 638 लोगों को गिरफ्तार किए गए। इसके अलावा 4052 अपराधों की पहचान हुई, जिनमें से 491 मामले गुजरात से ही जुड़े थे।
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जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन के चलते साइबर फ्रॉड से जुड़े लेन-देन में भारी गिरावट दर्ज की गई। अगस्त से दिसंबर 2025 के बीच पहले स्तर के म्यूल अकाउंट्स में 30% की कमी आई। म्यूल अकाउंट्स से जुड़े चेक विदड्रॉल में 75% की गिरावट आई। मासिक चेक विदड्रॉल 126 करोड़ रुपये से घटकर मात्र 25 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, ATM विदड्रॉल में भी 66% की कमी देखी गई।
इस मामले में पुलिस का कहना है कि ‘म्यूल हंट’ अभियान जारी रहेगा। बैंकों के साथ बेहतर समन्वय, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी और आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।