
नई दिल्ली: दुनिया में बहुत से ऐसे खूंखार जीव हैं, जो लोगों की जिंदगियां के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। जंगल में जितना खतरनाक बाघ होता है, पानी में वहीं मगरमच्छ सबसे बड़ा आतंकी होता है। ऐसे में हम बात कर रहे है नील नदी में रहने वाले एक ऐसे मगरमच्छ की जो किसी आम जीव से कहीं ज्यादा खतरनाक है। जिसने अब तक 300 से अधिक जिंदगियों को निगल लिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभी तक कोई भी शिकारी इस जीव को मारने में सफल नहीं रहा है।
बता दें, नील नदी में रहने वाला ये मगरमच्छ करीब छह मीटर लंबा है और इसका वजन एक टन से ज्यादा है। इस जीव का नाम गुस्ताव है और इसे अफ्रीका के सबसे बड़े सरीसृपों में से एक माना जाता है। गुस्ताव बुरुंडी की तांगानिका झील के पास रहता है, जिसकी वजह से स्थानीय लोग हर वक्त खौफ में रहते हैं। गुस्ताव को पकड़ने के लिए दशकों से प्रयास किए जा रहे है, लेकिन कोई प्रयार इसे पड़ने में अभी तक सफल नहीं रहा हैं।
आज कोई शिकारी नहीं पड़ पाया
गुस्ताव को पकड़ने के लिए शिकारियों ने तमाम प्रयास किए लेकिन सब नाकाम रहें। उन प्रसाय को सबसे पहले 'कैप्चरिंग द किलर क्रोक' नाम की टीवी डॉक्यूमेंट्री में दिखाया गया था। मगरमच्छ को पकड़ने के लिए शिकारा पैट्रिस फेय ने मिशन को अंजाम दिया था लेकिन उनके जाल में सिर्फ क्षेत्र के कुछ छोटे मगरमच्छ ही फंसे। रिपोर्ट के अनुसार, गुस्ताव को पकड़ने के लिए टीम ने कई जाल बिछाए लेकिन हर कुछ नाकाम रहा।
चारा गायब, पानी में मिला पिंजरा
शिकारियों की हर कोशिश नाकान के बाद भी, उन्होंने एक आखिरी कोशिश की। उन्होंने जिंदा जानवरों के साथ एक पिंजरा लगाया, इस उम्मीद के साथ कि चारे की लालच में गुस्ताव उसमें फंस जाएगा। लेकिन शिकारियों को कुछ ओर ही देखने को मिला। उस तूफानी रात के अगले दिन बकरी पिंजरे से गायब थी और पिंजरा पानी के अंदर था। हालांकि टीम यह पता लगाने में नाकाम रही।
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