Jitiya Vrat Paran: संतान को बुरी नजर से बचाने, उसकी लंबी आयु, अच्छी सेहत और तरक्की के लिए हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन सारी माताओं ने जितिया का व्रत रखती है। यह व्रत 24 घंटे तक की अवधि का होता है, यानी इस दौरान अन्न-जल का त्याग करना होता है, इसलिए इस व्रत को सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। यह दिन विशेष रूप में माताओं और उनकी संतानों के बीच के प्रेम को दर्शाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, जितिया व्रत की शुरूआत आज 03 अक्टूबर 2026 शनिवार की सुबह करीब 7:59 बजे हो चुकी है। व्रत का पारण अगले दिन 04 अक्टूबर 2026 रविवार को किया जाएगा। तो चलिए व्रत पारण का शुभ मुहूर्त और पूजा-विधि के बारे में जानते है।
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जितिया व्रत का पारण
जितिया का व्रत पूरे 24 घंटे का होता है। ऐसे में अगले दिन के सूर्योदय और अष्टमी तिथि के समापन के बाद व्रत का पारण किया जाएगा। यानी 04 अक्टूबर की सुबह 7 बजकर 28 मिनट के बाद व्रत का पारण किया जाएगा। यानी नवमी तिथि के शुरू होती ही आप अपना व्रत खोल सकती हैं।
जितिया व्रत पारण की विधि
1. जितिया व्रत का पारण करने के लिए सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
2. इसके बाद तांबे के लोटे से भगवान सूर्य को अर्घ्य दें। ध्यान रहे जल लाल फूल और अक्षत जरूर रहे।
3. फिर दीया-बाती करें और आरती कर प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांटे।
4. इसके बाद भगवान को चढ़ाए गए प्रसाद से अपना व्रत खोलें और सात्विक भोजन करें।