
नई दिल्ली:देश में नॉन वेजिटेरियन वाले लोगों की तादाद आज के समय में अच्छी खासी हो गई है। लोगों के बीच रेड मीट काफी लोकप्रिय है। लोग इसे रोजाना की नॉर्मल डॉट में खाते हैं और अपने आपको काफी फीट रखते है। लेकिन क्या आप जानते है कि रोज इससे खाने से हमारे शरीर पर क्या असर पड़ता है?इससे हमे कितना फाइदा हो रहा है?क्या कहती है रिसर्च जानते है इस खबर में पूरी जानकारी।
क्या है रेड मीट
रेड मीट स्तनधारी प्रजातियों के मांस को कहा जाता है जिसमें बीफ, पोर्क, भेड़ आदि शामिल हैं। इसमें प्रोटीन, आयरन, जिंक, विटामिन डी और ओमेगा -3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें भारी मात्रा में फैट और कोलेस्ट्रॉल भी पाया जाता है जो ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, मोटापा और कई प्रकार की बीमारियों को दावत देता है।
रेड मीट के सेवन कितना जरुरी
अध्ययन में रेड मीट के सेवन को हृदय रोग, कोलोरेक्टल कैंसर और टाइप 2 मधुमेह के बढ़ते मामलों से जोड़ कर देखा गया है। जिसमें अगर इस मीट को प्रोसेस्ड कर दिया जाए तो खतरा कई गुना बढ़ जाता है। एक यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार दावा किया गया कि अगर कोई व्यक्ति बिना प्रोसेस्ड मीट किए मीट के खाता है तो हमारे अंदर टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम ज्यादा बढ़ जाता है। जिसमें अगर हम 110 ग्राम से अधिक अनप्रोसेस्ड रेड मीट खाते है तो हममे मधुमेह का खतरा 20 प्रतिशत से अधिक होता है। साथ ही अगर हम इसका सेवन लगातार करते है तो हममें डायबिटीज होने का जोखिम 50 प्रतिशत ज्यादा हो जाता है।
वहीं अमेरिका स्थित इंस्टीट्यूट ने वहां के 180 इलाकों के लोगों पर हुई रिसर्च का विश्लेषण करने के बाद बताया कि अनप्रोसेस्ड रेड मीट के ज्यादा सेवन का स्ट्रोक के साथ कोई मजबूत संबंध नहीं पाया गया। इसका मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति अनप्रोसेस्ड रेड मीट का रोज सेवन करता है तो इसका मतलब ये नहीं कि उसे स्ट्रोक का जोखिम होगा।
Leave a comment