
Prayagraj Magh Mela: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान आज 14जनवरी को षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति का दुर्लभ संयोग बना हुआ है। इस महासंयोग के कारण त्रिवेणी संगम के घाटों पर लाखों श्रद्धालु उमड़ पड़े हैं। सुबह-सुबह ही भक्तों ने ठंडे पानी में डुबकी लगाकर पापों से मुक्ति और पुण्य प्राप्ति की कामना की। माघ मेला प्रशासन के अनुसार, सुबह के शुरुआती घंटों में ही लाखों की संख्या में लोग संगम स्नान कर चुके हैं और भीड़ लगातार बढ़ रही है।
संयोग का विशेष महत्व
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, षटतिला एकादशी पर तिल के छह रूपों (स्नान, उबटन, दान, भोजन, तर्पण और हवन) से उपयोग करने से पाप नाश होते हैं और अक्षय पुण्य मिलता है। इस साल यह एकादशी मकर संक्रांति के साथ पड़ रही है, जो 23सालों बाद हुआ है। ऐसे में संगम स्नान का महत्व दोगुना हो गया है। मान्यता है कि इस दिन त्रिवेणी संगम में स्नान करने से हजारों यज्ञों के समान पुण्य प्राप्त होता है। कल्पवासी और दूर-दूर से आए श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त से ही घाटों पर पहुंच गए और आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।
प्रशासन की तैयारियां और भीड़ प्रबंधन
माघ मेला प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं। हजारों पुलिसकर्मी, एनडीआरएफ टीम और चिकित्सा दल तैनात हैं। घाटों पर बैरिकेडिंग, लाइटिंग और नावों की व्यवस्था की गई है ताकि कोई असुविधा न हो। प्रशासन का अनुमान है कि आज के दिन करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु स्नान करने पहुंच सकते हैं, क्योंकि मेला पूरे 45दिनों तक चलेगा और यह दूसरा प्रमुख स्नान दिवस है।
संगम तट पर साधु-संतों और नागा साधुओं की उपस्थिति ने माहौल को और दिव्य बना दिया है। भक्त मंत्रोच्चारण के साथ पवित्र जल में उतर रहे हैं और दान-पुण्य कर रहे हैं। षटतिला एकादशी के इस पावन अवसर पर संगम की डुबकी न केवल पापों से मुक्ति देती है, बल्कि जीवन में समृद्धि और शांति भी लाती है। लाखों भक्तों का यह हुजूम आस्था की जीवंत मिसाल है।
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