
Makar Sankranti Snan-Daan Rules: आज 14जनवरी बुधवार को पूरे देश में मकर संक्रांति का पावन त्योहार बड़े उत्साह से मनाया जा रहा है। यह त्योहार सूर्य देव के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है, जो उत्तरायण की शुरुआत दर्शाता है। उत्तरायण का अर्थ है सूर्य का उत्तर दिशा की ओर गमन, जो सर्दी के अंत और लंबे दिनों की शुरुआत का संकेत देता है। इस दिन स्नान, दान, सूर्य पूजा और तिल-गुड़ के प्रसाद का विशेष महत्व है। लेकिन स्नान-दान का समय सही मुहूर्त में ही करें, नहीं तो पुण्य कम हो सकता है।
मकर संक्रांति की तिथि और पूजा समय
हिंदू पंचांग के अनुसार, सूर्य मकर राशि में 14जनवरी को दोपहर 3:13बजे प्रवेश कर रहे हैं। इसलिए मकर संक्रांति मुख्य रूप से 14जनवरी को ही मनाई जा रही है।
मकर संक्रांति पुण्य काल:दोपहर 3:13बजे से शाम 5:45बजे तक (लगभग 2घंटे 32मिनट)
महा पुण्य काल:दोपहर 3:13बजे से 4:58बजे तक
ये समय सबसे शुभ है, जहां स्नान, दान और पूजा का फल अक्षय माना जाता है।
स्नान-दान के समय ना करें ये गलती
स्नान:प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में (सुबह 5-7बजे) या पुण्य काल में करें।
1. गंगा, यमुना या अन्य पवित्र नदियों में डुबकी लगाएं। घर पर तिल मिले जल से भी स्नान कर सकते है।
2. लेकिन ध्यान रहें कि दोपहर के बाद या शाम को स्नान न करें।
3. क्योंकि शास्त्रों में प्रातःकाल का स्नान सर्वोत्तम माना गया है।
दान:पुण्य काल या महा पुण्य काल में तिल, गुड़, खिचड़ी, कंबल, वस्त्र, अन्न और घी का दान करें।
1. यह दान अक्षय पुण्य देता है और पिछले पापों से मुक्ति दिलाता है।
मकर संक्रांति की पूजा विधि
1. सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करें।
2. सूर्य देव को अर्घ्य दें (तांबे के लोटे से जल, लाल फूल, चावल अर्पित करें)।
3. 'ओम घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें।
4. तिल-गुड़ की मिठाई का भोग लगाएं और परिवार के साथ प्रसाद बांटें।
5. जरूरतमंदों को दान दें।
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