आरोपियों की जीत और न्याय की उड़ी धज्जियां! गैंगरेप के 7 दोषियों ने रिहाई के बाद निकाला विजय जुलूस

Karnatka Rape Case: कर्नाटक के हावेरी जिले से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया हैं। जिसने न सिर्फ इंसानियत को बल्कि भारत की न्याय संहिता को भी शर्मिंदा कर दिया हैं । दरअसल, 2024 में हुए गैंगरेप मामले में एक बार फिर लोगों का गुस्सा भड़का दिया है। इस मामले के सात मुख्य आरोपियों को हाल ही में कर्नाटक हाई कोर्ट ने जमानत दे दी थी। जिसके बाद इन दोषियों ने सड़कों पर ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ विजय जुलूस निकाला। अब इस घटना से पूरे हावेरी जिले में आक्रोश है। सोशल मीडिया पर विजय जुलुस का वीडियो वायरल होने के बाद लोग उनकी रिहाई और भारत की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
क्या है 2024 में हुए इस गैंगरेप का सच?
2024 में हनगल के अक्की आलूर कस्बे में हुए इस गैंगरेप मामले में कुल 19 लोग दोषी पाए गए थे। इनमें से 12 को पहले ही जमानत मिल चुकी थी। अब घटना के सात मुख्य आरोपियों को 17 महीने बाद जेल से रिहा कर दिया गया हैं। रिहाई के तुरंत बाद, आरोपियों ने पांच गाड़ियों और बाइकों के साथ हावेरी उप-जेल से अक्की आलूर तक जुलूस निकाला। इस जुलूस में नाच-गाना और उत्सव जैसा माहौल था, जिसे देखकर पीड़ित पक्ष और स्थानीय लोग दंग रह गए।
सोशल मीडिया पर आक्रोश
विजय जुलूस का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग काफी ज्यादा नाराज दिखें। कई यूजर्स ने इस घटना को न्याय व्यवस्था की विफलता बताया और कोर्ट से इस मामले में फिर से विचार करने की मांग की। एक यूजर ने लिखा, "यह कैसा न्याय है? गैंगरेप के आरोपी जुलूस निकाल रहे हैं, और पीड़ित को इंसाफ का इंतजार है।"
कानून व्यवस्था पर सवाल
यह घटना कानून और व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रही है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में जमानत की शर्तें सख्त होनी चाहिए। स्थानीय पुलिस और प्रशासन से इस जुलूस पर कार्रवाई की मांग हो रही है। अब इस मामले में हावेरी पुलिस ने अभी तक इस जुलूस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि कोर्ट इस मामले में कड़ा रुख अपनाएगा और पीड़ित को जल्द इंसाफ मिलेगा।
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