Uttrakhand News:उत्तराखंड के लिए गौरव का क्षण है। पौड़ी गढ़वाल के नैनीडांडा विकासखंड स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुस्याखाँद के प्रधानाध्यापक **गबर सिंह बिष्ट** को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मूने ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026’से सम्मानित किया।
विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में इस वर्ष उत्तराखंड से यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने वाले गबर सिंह बिष्ट एकमात्र शिक्षक हैं। दूरस्थ क्षेत्र में रहकर शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
डिजिटल तकनीक से आसान बनाई पढ़ाई
प्रधानाध्यापक गबर सिंह बिष्ट ने विद्यालय में डिजिटल एवं आईसीटी तकनीकों का प्रभावी इस्तेमाल कर शिक्षण को अधिक सरल और रुचिकर बनाने का प्रयास किया। उन्होंने **प्रोजेक्टर, डिजिटल बोर्ड, Google Meet और ई-कंटेंट/पीपीटी** जैसे माध्यमों का उपयोग करते हुए विशेष रूप से गणित और विज्ञान जैसे कठिन विषयों को विद्यार्थियों के लिए आसान बनाया।
उनके इन प्रयासों से विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षण के साथ आधुनिक तकनीक के माध्यम से सीखने का अवसर मिला और पढ़ाई को अधिक प्रभावी एवं संवादात्मक बनाया जा सका।
कोरोना काल में भी जारी रही पढ़ाई
कोरोना महामारी के दौरान जब विद्यालयों में नियमित कक्षाएं प्रभावित हुईं, तब भी गबर सिंह बिष्ट ने ऑनलाइन माध्यमों के जरिए विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने का प्रयास किया। तकनीकी संसाधनों के उपयोग से उन्होंने छात्रों के साथ शैक्षणिक संपर्क बनाए रखा और पढ़ाई में निरंतरता सुनिश्चित की।
राज्य स्तर पर भी मिल चुके हैं सम्मान
गबर सिंह बिष्ट के शिक्षा क्षेत्र में योगदान को इससे पहले भी राज्य स्तर पर पहचान मिल चुकी है। उन्हें राज्यपाल पुरस्कार और शैलेश मटियानी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित होना उनके लंबे शैक्षिक योगदान, नवाचार और समर्पण की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान माना जा रहा है।
दूरस्थ क्षेत्र के शिक्षक के लिए बड़ी उपलब्धि
नैनीडांडा के दूरस्थ क्षेत्र में रहकर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले गबर सिंह बिष्ट ने यह साबित किया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद तकनीक, नवाचार और समर्पण के माध्यम से विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाया जा सकता है।उनकी इस उपलब्धि से उत्तराखंड के शिक्षक समुदाय और शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने पर उन्हें प्रदेशवासियों की ओर से बधाई और शुभकामनाएं दी जा रही हैं।
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