नए साल की पहली एकादशी आज, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

नए साल की पहली एकादशी आज, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली: निर्जला एकादशी व्रत जेष्ठ शुक्ल के एकादशी तिथि में मनाया जाता है। इस बार निर्जला एकादशी का व्रत 2जनवरी रखा जहां एक तरफ यह एकादशी पुत्रदा पौष मास में आती है इसलिए इसे पोर्श पुत्रदा एकादशी भी कहा जाता है। वहीं दूसरी तरफ हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व होता है। इसके साथ ही लोग एकादशी के दिन भगवान विष्णु की भक्ति पूर्वक पूजा करते हैं।

बता दें कि एकादशी 1 जनवरी 2023 को शाम 7:11 पर हो चुकी है और इसका समापन 2 जनवरी 2023 यानी आज शाम 8:30 पर होगा। वही पौष पुत्रदा एकादशी का पारण 3 जनवरी 2023 को सुबह 7:12 से 9:25 तक होगा। इसके अलावा पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने वालों को दशमी तिथि को सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए। इसके बाद एकादशी तिथि को निर्जला व्रत रखना चाहिए। इसके साथ ही व्रत के दौरान पूरी तरह से ब्रम्हचर्य का पालन करना चाहिए।सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान ध्यान करना होता है। इसके बाद गंगाजल से शुद्ध होकर व्रत और पूजन का संकल्प लेना होता है।

इसके बाद गंगजल से शुद्ध होकर व्रत और पूजन का संकल्प लेना होता है। फिर गंगाजल, तुलसी दल, तिल, फूल पंचामृत से भगवान नारायण की पूजा करनी चाहिए। इस व्रत में व्रत रखने वाले बिना जल के रहना चाहिए। यदि व्रती चाहें तो संध्या काल में दीपदान के पश्चात फलाहार कर सकती हैं। व्रत के अगले दिन द्वादशी पर किसी जरुरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को भोजन कराकर, दान-दक्षिणा देकर व्रत का पारण करने का विधान है।

Leave a comment