
The farmer of Punjab set an example by cultivating strawberries: स्ट्रॉबेरी खानी किस को पसंद नहीं है...हर कोई स्ट्रॉबेरी का दीवाना है। इस दौरान एक किसान ने स्ट्रॉबेरी की खेती कर अन्य किसानों के लिए मिसाल पेश की है। अब आप सोच रहे होंगे कि ये नई बात नहीं है भारत के कई राज्यों में स्ट्रॉबेरी की खेती होती है। लेकिन बता दें कि किसान ने पंजाब में स्ट्रॉबेरी की खेती की है। जो अन्य किसानो के लिए एक मिसाल बनकर उभरी है।
स्ट्रॉबेरी की खेती कर किसान ने पेश की मिसाल
कहा जा रहा है कि जब किसी व्यक्ति में जज्बा हो तो उसे कोई भी ताकत अपन सपने को पूरा करने से नहीं रोक सकती है। ऐसा करके दिखाया है पंजाब के रहने वाले जसप्रीत ने। दरअसल पंजाब के मोगा जिले के दोसांझ गांव के रहने वाले किसान जसप्रीत सिंह ने स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की है। जसप्रीत सिंह ने बताया कि पंजाब का मौसम स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए अनुकूल नहीं है। जिसकी वजह से इसकी खेती बड़ा रिस्क है। लेकिन अगर किसी नए काम में हाथ आजमाना हो तो रिस्क लेना ही पड़ता है। यही सोचकर उन्होंने स्ट्रॉबेरी की खेती करने का मन बनाया।
भारत के इन राज्यों में की जाती हैं स्ट्रॉबेरी की खेती
दरअसल स्ट्राबेरी रोजेसी कुल का पौधा है जिसकी उत्पति उत्तरी अमेरिका में हुई थी। यहाँ से यह यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस व अन्य देशों के पर्वतीय अंचलों एवं शीतोषण प्रदेशों के पर्वतीय अंचलों एवं शीतोषण प्रदेशों में फैला। भारत में इसका उत्पादन पर्वतीय भागों में नैनीताल, देहरादून, हिमाचल प्रदेश, महाबलेश्वर, महाराष्ट्र, नीलगिरी, दार्जलिंग आदि की पहाड़ियों में व्यावसायिक तौर पर किया जा रहा है।
इसकी खेती अब मैदानी भागों, दिल्ली, बंगलौर, जालंधर, मेरठ, पंजाब, हरियाणा आदि क्षेत्रों में भी की जा रही है। सोलन हल्दवानी, देहरादून, रतलाम, नासिक, गुड़गाँव एवं अबोहर स्ट्राबेरी के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। झारखंड की मिट्टी तथा जलवायु स्ट्रोबेरी की खेती के लिए उपयुक्त है।
कैसे होती है स्ट्रॉबेरी की खेती?
बता दें कि स्ट्रॉबेरी की खेती से किसान कम वक्त में बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं। स्ट्रॉबेरी की खेती से किसान महज 40 दिनों के अंदर ही बंपर मुनाफा कमा सकते हैं हालांकि, स्ट्रॉबेरी को ठंडे प्रदेशों की फसल कहा जाता है।
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