कोरोना के नए वैरिएंट्स ने बढ़ाई चिंता, क्या निंबस और स्ट्राटस लाएंगे नई चुनौती?

कोरोना के नए वैरिएंट्स ने बढ़ाई चिंता, क्या निंबस और स्ट्राटस लाएंगे नई चुनौती?

Covid 19 New Variant: भारत में एक बार फिर कोरोना वायरस के नए वैरिएंट्स Nimbus और Stratus ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इन वैरिएंट्स को Variants Under Monitoring (VUM) की श्रेणी में रखा है। जिससे यह पता चलता है कि  ये वैरिएंट्स तेजी से फैलने की क्षमता रखते हैं। फिनहाल के आंकड़ों के अनुसार भारत में कोविड-19 के सक्रिय मामले 7,400 तक पहुंच गए हैं। जिसमें केरल, महाराष्ट्र, और तमिलनाडु जैसे राज्यों में सबसे ज्यादा मामले रहें हैं।
 
Nimbus और Stratus  से खतरा
निंबस (NB.1.8.1) और स्ट्राटस (LF.7) ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट्स हैं। जो अपनी ज्यादा संक्रमण फैलने से चर्चा में हैं। निंबस में स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन A435S, V445H, और T478I पाए गए हैं। जो इसे इम्यूनिटी से बचने और तेजी से फैलने में सक्षम बनाते हैं। सिंगापुर और हांगकांग में इन वैरिएंट्स के कारण अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। भारत में अप्रैल में तमिलनाडु में निंबस का पहला मामला और मई में गुजरात में स्ट्राटस के चार मामले सामने आए। जबकि WHO और भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन वैरिएंट्स से गंभीर बीमारी या मृत्यु दर में वृद्धि की अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं। अधिकांश मामले हल्के हैं। और मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी है। फिर भी डॉक्टर ने सतर्कता बरतने और मास्क पहनने की सलाह दी है। खासकर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर।  
 
लक्षण और सावधानियां
निंबस और स्ट्राटस से संक्रमित मरीजों में लगातार खांसी, गले में खराश, थकान, सिरदर्द, भूख में कमी, और हल्का बुखार जैसे लक्षण देखे गए हैं। कुछ मरीजों ने गले में दर्द के समय कांच के टुकड़े निगलने जैसा बताया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन और बूस्टर डोज लेने वाले लोगों में गंभीर लक्षणों का खतरा कम है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से नियमित हाथ धोने, मास्क पहनने, और सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील की है।

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