
Himachal Pradesh Ram Mandir:हिमाचल प्रदेश के शिमला में मस्जिद के बाद नया मुद्दा गरमया गया है। इस बार शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया है। बता दें कि अविमुक्तेश्वरानंद शिमला के राम मंदिर में गुरुवार यानी 24अक्टूबर को गौ ध्वज की स्थापना करने वाले थे लेकिन उन्होंने शिमला का कार्यक्रम रद्द कर दिया है। बताया जा रहा है कि शिमला के राम मंदिर में साईं की मूर्ति होने के चलते उन्होंने वहां जाने से मना कर दिया। हालांकि उन्होंने जाखू मंदिर में ध्वज स्थापनी की।
अभियान चला रहे हैं शंकराचार्य
बता दें कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद गौ हत्या रोकने और गौ को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इसी कड़ी में वो शिमला पहुंचे थे। वो शिमला के राम मंदिर में गौ ध्वज की स्थापना करने वाले थे लेकिन, मंदिर में साईं की प्रतिमा होने के कारण उन्होंने वहां जाने से मना कर दिया। हालांकि उन्होंने शिमला के प्रचान जाखू में गौ ध्वज की स्थपना की। साथ ही उन्होंने कहा कि " वो राम मंदिर में साईं की मूर्ति होने की वजह से शिमला नहीं गए है"। उन्होंने कहा कि " मैंने शिमला कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया है"।
शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी ने जारी किया बयान
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगी राज ने इस संबंध में बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों से मूर्ति हटाने को कहा गया था लेकिन मूर्ति नहीं हटाई गई। उन्होंने कहा हिन्दू धर्म में 33करोड़ देवी-देवता है। ऐसे में किसी अन्य धर्म के व्यक्ति की मूर्ति का कोई मतलब नहीं है। शैलेंद्र योगी राज ने कहा कि देशभर में जहां भी साई की प्रतिमा है। वहां शंकराचार्य पूजा नहीं करते हैं। अयोध्य राम मंदिर निर्माण में भी शंकराचार्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
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