UP Electricity Bill: उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को जून के बिल में अतिरिक्त बोझ से राहत मिल गई है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा जून महीने के बिलों में 10 प्रतिशत अतिरिक्त बिजली टैरिफ वसूली पर रोक लगा दी है।
बता दें, विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस अतिरिक्त वसूली को नियमों के खिलाफ नियामक आयोग में याचिका दाखिल की थी। जिस पर नियामक आयोग ने फैसला सुनाते हुए मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। साख ही, आदेश दिया है कि आखिरी फैसला आने तक बिजली बिलों में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं जोड़ा जाएगा।
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नियामक आयोग का फैसला
आयोग ने याचिका पर सुनवाई करते हुए UPPCL से सात दिनों के अंदर विस्तृत जवाब मांगा है। आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि आखिरी फैसला आने तक जून के बिल में यह 10% अधिभार नहीं जोड़ा जाएगा। उपभोक्ता परिषद ने इस फैसले को आम जनता के हित में बड़ी जीत बताया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, UPPCL ने 29 मई को जारी आदेश में मार्च 2026 के बढ़े हुए बिजली खरीद और ईंधन खर्च की भरपाई के लिए जून के बिल में 10% अतिरिक्त शुल्क वसूलने का निर्देश दिया था। जिस वजह से करीब 3 करोड़ 73 लाख बिजली उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ने वाला था।
UPPCL ने दावा किया कि मार्च 2026 में बिजली खरीद लागत नियामक द्वारा स्वीकृत दर लगभग 4.94 रुपये प्रति यूनिट से ज्यादा (5.86 रुपये प्रति यूनिट) रही, जिसकी वजह से समायोजन जरूरी हो गया। लेकिन राज्य के विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि UPPCL ने पुराने बकायों और अतिरिक्त खर्च को शामिल करके उपभोक्ताओं पर अनुचित बोझ डाला जा रहा था। इसलिए इसे तुरंत रोका जाए।