Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से नकली करेंसी छापने का चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां पुलिस ने नेटवर्क का भंडाफोड़ कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में कानपुर पुलिस ने एक नकली नोट के गिरोह के मास्टरमाइंड 52 वर्षीय शेर सिंह समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 2 लाख 4 हजार 650 रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। तो चलिए इस पूरे मामले की कहानी जानते है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, कानपुर के रेल बाजार थाना क्षेत्र में रामलीला मैदान के पास एक किराए के कमरे में कलर प्रिंटर लगाकर 50, 100 और 500 रुपये के नकली नोट तैयार किए जा रहे थे। इस काम को अंजाम देने के लिए मास्टरमाइंड शेर सिंह के साथ कुछ और लोग भी मिले हुए थे। जिन्होंने किराए के कमरे को अपने काले कारनामों का अड्डा बनाया और नकली नोट तैयार करने के लिए उसी कमरे में प्रिंटर, कागज, स्याही जैसी कई जरूरी सामान का इंतजाम किया। बताया जा रहा है कि मास्टरमाइंड शेर सिंह सिर्फ पांचवीं कक्षा तक ही पढ़ा था, लेकिन बावजूद इसके उसने अपना दिमाग गलत कामों में लगाया और पैसे कमाने के लिए नकली नोटों का धंंधा चुना।
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इस मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि उन्हें एक गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर रेल बाजार पुलिस और अपराध शाखा/एसओजी की संयुक्त टीम ने छापा मारा। इस दौरान कमरे में बड़ी मात्रा में नकली नोटों की गड्डी मिली। इसके अलावा एक कलर प्रिंटर, कैंची, पेपर कटर, स्केल, स्याही की बोतलें और अन्य उपकरण भी मिले। पुलिस ने आगे बताया कि बरामद नकली नोटों में 100 रुपये के लगभग 1,991 नकली नोट मिले। इसके अलावा 50 रुपये के 71 और 500 रुपये के चार नकली नोट भी बरामद किए गए। बरामद की गई कुल नकली नोटों की कीमत लगभग 2,04,650 रुपये आंकी गई है।
बाजारों में कैसे आते थे नकली नोट?
मामले की जांच करने पर पुलिस ने बताया कि इन आरोपियों नकली नोटों को खपाने के लिए भीड़-भाड़ वाले इलाकों को चुना था, ऐसे इलाके जहां लोगों का आना-जाना होता है। इसके लिए आरोपी मुख्य रूप से कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन और आसपास के जिलों के रेलवे स्टेशनों तथा बाजारों में नकली नोट चलाते थे। छोटी दुकानों और बाजारों में नकली नोट जल्दी पकड़ में नही आते। फिलहाल पुलिस आरोपियों में पूछताछ कर रही है और ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनके साथ कोई और गिरोड तो शामिल नहीं और अबतक उन्होंन कितनी जगहों पर नकली नोट चलाए हैँ।