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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से राम रहीम को बड़ी राहत, पत्रकार राम चंदर मर्डर केस से मिली क्लीन चिट

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से राम रहीम को बड़ी राहत, पत्रकार राम चंदर मर्डर केस से मिली क्लीन चिट

Ram Rahim Court Verdict: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पत्रकार राम चंदर छत्रपति की हत्या के मामले में बरी कर दिया है। कोर्ट ने CBI की विशेष अदालत के 2019के फैसले को पलटते हुए राम रहीम को संदेह का लाभ देते हुए निर्दोष करार दिया, जबकि मामले के अन्य तीन दोषियों- कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। यह फैसला 07मार्च 2026को सुनाया गया, जो राम रहीम के लिए बड़ी राहत है, हालांकि वे अन्य मामलों में सजा काट रहे हैं।

क्या था पूरा मामला?

दरअसल, यह घटना 2002की है, जब सिरसा स्थित पत्रकार राम चंदर छत्रपति की उनके आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। छत्रपति 'पूरा सच' अखबार के संपादक थे और उन्होंने डेरा सच्चा सौदा में महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों वाली एक गुमनाम चिट्ठी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस चिट्ठी में डेरा प्रमुख पर सद्वियों से बलात्कार के आरोप लगाए गए थे। जिसके बाद मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी और 2019में पंचकूला की विशेष अदालत ने राम रहीम समेत चार लोगों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। लेकिन राम रहीम ने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में अपील दाखिल की थी, जहां उन्होंने खुद को झूठा फंसाए जाने का दावा किया था।

अपील पर सुनवाई 2025 में शुरू हुई और सितंबर 2025 में कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि, जनवरी 2026 में नए तथ्यों के उभरने का हवाला देकर सुनवाई दोबारा शुरू की गई। फरवरी 2026 में कोर्ट ने सबूतों की जांच की, जिसमें गोली के सीलबंद कंटेनर और फॉरेंसिक निशानों पर बहस हुई। आखिर में, चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस विक्रम अग्रवाल की बेंच ने राम रहीम को बरी कर दिया, लेकिन अन्य तीन की सजा को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि राम रहीम के खिलाफ सबूत पर्याप्त नहीं थे, जिसके आधार पर उन्हें संदेह का लाभ मिला।

 

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