Delhi Protest: देशभर के किसानों की ओर से भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली के किसान घाट पर इकट्ठा होने की कॉल दी गई थी। लेकिन इस बीच कल हरियाणा में राज्य पुलिस की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें कहीं किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया। तो वहीं, पंजाब के किसानों की ओर से आज सुबह 5:00 बजे फतेहगढ़ साहब से बड़ी गिनती में किसानों का काफिला दिल्ली की तरफ बढ़ रहा है। किसानों को शंभू बॉर्डर पर रोकने के लिए हरियाणा पुलिस की ओर से भी तैयारी पूरी है और हरियाणा पुलिस की ओर से बैरिकेड भी लगा दी गई है।
दूसरी तरफ, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन भी जोर पकड़ रहा है। CJP के कार्यकर्ता शिक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों पर ‘संसद चलो' मार्च निकाल रहे हैं। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने ऐलान किया है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी, तब तक ये आंदोलन जारी रहेगा, जिस वजह से ये प्रदर्शन आज भी जारी है।
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन
एक तरफ जहां देश की राजधानी दिल्ली में CJP का प्रदर्शन जारी है। तो वहीं, दूसरी तरफ भारत-अमेरिका ट्रेड डील के मुद्दे को लेकर किसान भी दिल्ली कूच के लिए निकल पड़े हैँ। किसान और किसान नेताओं का जमावड़ा शंभू और खनौरी बॉर्डर पहुंच रहे हैं। दरअसल, ‘देश बचाओ’ मोर्चे का आह्वान करते हुए पंजाब और आसपास के इलाकों के किसान महापंचायत करने के लिए दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। इस बार उनका मुद्दा है भारत-अमेरिका व्यापार समझौता।
इस मुद्दे पर किसानों का कहना है कि इस समझौते से भारतीय कृषि, डेयरी क्षेत्र और ग्रामीण आजीविका को भारी नुकसान होगा, इसलिए इस समझौते को तुरंत रद्द कर दिया जाए। तो वहीं, किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान के बाद पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। साथ ही, पूरे इलाके में BNS की धारा 163 लागू कर दी गई है और सड़कों पर बैरिकेड्स भी लगा दिए गए हैं।
CJP का जंतर-मंतर प्रदर्शन
NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। जिसके बाद 18 जुलाई को उन्हें जबरन प्रदर्शन स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
तो वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में हजारों छात्र, युवा और कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर जमा हुए। उनकी मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे दे। साथ ही, पेपर लीक की जांच और प्रभावित छात्रों को मुआवजे दिए जाए। इन मांगों को सरकार को पहुंचाने के लिए CJP ने ‘संसद चलो' मार्च का आह्वान किया। लेकिन इस दौरान पुलिस से टकराव हुआ और लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।