Sonam Wangchuk Hunger Strike: कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि वे तब तक भूख हड़ताल जारी रखेंगे जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या उन्हें सफदरजंग अस्पताल में मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती, जहां वे भर्ती हैं। जबकि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनुरोध पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
बता दें, NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। जिसके बाद 18 जुलाई को उन्हें जबरन प्रदर्शन स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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सोनम वांगचुक भूख हड़ताल रखेंगे जारी
सोनम वांगचुक अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैडल पर एक पोस्ट शेयर किया। जिसमें उन्होंने लिखा ‘मैं अपना अनशन जारी रखूंगा। शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जिस क्रूरता से पेश आया जा रहा है, उसे देखते हुए मैंने फैसला किया है कि मैं तब तक अपना अनशन जारी रखूंगा जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या मुझे यहां अस्पताल में उनसे मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती। उम्मीद है कि सरकार इससे पहले शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी। मैं इस बात से बहुत प्रभावित और प्रेरित हूं कि युवाओं ने उकसावे के बावजूद शांति बनाए रखी है।‘
सरकार और पुलिस से की अपील
वांगचुक ने आगे कहा ‘मैं सरकार और पुलिस से अपील करता हूं कि वे छात्रों को आज या कल संसद के समक्ष अपनी शिकायतें रखने की अनुमति देकर इस मुद्दे को हल करें। मुझे विश्वास है कि युवा प्रदर्शनकारी कल भी उतना ही धैर्य और सहनशीलता दिखाएंगे जितना उन्होंने आज दिखाया।‘
दरअसल, यह घटना मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा हल्के लाठीचार्ज के बाद घटी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करते समय दिल्ली पुलिस के जवान भी घायल हो गए।