
PM Rahat Scheme 2026: केंद्र सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को तत्काल और बिना किसी आर्थिक बाधा के चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए पीएम राहत योजना (PM RAHAT - Prime Minister’s Road Accident Victims’ Hospitalisation and Assured Treatment Scheme) की शुरुआत की है। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नए कार्यालय 'सेवा तीर्थ' से अपने पहले फैसले के रूप में 14फरवरी 2026को मंजूर की गई। इसका मुख्य उद्देश्य 'गोल्डन आवर' (दुर्घटना के बाद का पहला घंटा) में समय पर इलाज सुनिश्चित करना है, ताकि आर्थिक कारणों से किसी की जान न जाए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, यह योजना देशभर में लागू है और हर पात्र पीड़ित को लाभ मिलेगा।
योजना की मुख्य विशेषताएं
1. कैशलेस इलाज की सीमा:प्रति पीड़ित अधिकतम 1.5लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार।
2. अवधि:दुर्घटना की तारीख से 7दिनों तक मान्य।
3. स्टेबलाइजेशन उपचार:
4. कवरेज:किसी भी श्रेणी की सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, जिला सड़क आदि) पर मोटर वाहन दुर्घटना में घायल ड्राइवर, पैसेंजर, पैदल यात्री या राहगीर सभी पात्र।
5. कोई पूर्व रजिस्ट्रेशन नहीं:योजना में रजिस्ट्रेशन, आय प्रमाण पत्र, बीमा पॉलिसी या कोई कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं। इलाज पहले, फॉर्मलिटी बाद में।
6. तकनीकी ढांचा:योजना eDAR (Electronic Detailed Accident Report) प्लेटफॉर्म और TMS 2.0 (Transaction Management System) के एकीकरण से चलती है। दुर्घटना रिपोर्ट से अस्पताल एडमिशन, पुलिस सत्यापन, इलाज और क्लेम प्रोसेसिंग डिजिटल रूप से जुड़े हैं।
7. भुगतान:अस्पतालों को Motor Vehicle Accident Fund (MVAF) से रिम्बर्समेंट मिलेगा। बीमित वाहन के मामले में जनरल इंश्योरेंस कंपनियों से, अनबीम्ड या हिट एंड रन में सरकारी बजट से। क्लेम 10दिनों के अंदर मंजूर।
8. शिकायत निवारण:जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा नामित अधिकारी शिकायतों का निपटारा करेंगे।
कैसे मिलेगा लाभ?
1. दुर्घटना होने पर तुरंत 112 (आपातकालीन नंबर) पर कॉल करें। इससे एम्बुलेंस, पुलिस और नजदीकी अस्पताल का समन्वय होगा।
2. घायल को पैनल अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा, जहां कैशलेस इलाज शुरू हो जाएगा।
3. पुलिस सत्यापन समय पर होने से इलाज निर्बाध चलेगा।
4. योजना का फोकस 'सेवा भाव' पर है, जहां जीवन बचाना सर्वोपरि है।
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