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देश ने खोया संविधान का बड़ा एक्सपर्ट, डॉ. सुभाष कश्यप का 97 वर्ष की उम्र में निधन, पद्म भूषण से थे सम्मानित

देश ने खोया संविधान का बड़ा एक्सपर्ट, डॉ. सुभाष कश्यप का 97 वर्ष की उम्र में निधन, पद्म भूषण से थे सम्मानित

Dr Subhash Kashyap Demise: भारत के प्रमुख संविधान विद्वान, संसदीय मामलों के एक्सपर्ट और पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. सुभाष चंद्र कश्यप का निधन हो गया है। उन्होंने 97 वर्ष की आयु में दिल्ली स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि उनका निधन कार्डियो-पल्मोनरी अरेस्ट की वजह से हुआ।

डॉ. सुभाष कश्यप का जीवन परिचय

बचा दें, डॉ. सुभाष कश्यप का जन्म 10 मई 1929 को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के चांदपुर में हुआ। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने टीचर, पत्रकार और वकील के रूप में अपना करियर शुरू किया। उन्होंने साल 1953 में लोकसभा सचिवालय से जुड़कर काम किया।

31 दिसंबर 1983 से 20 अगस्त 1990 तक वे 7वीं, 8वीं और 9वीं लोकसभा के महासचिव (Secretary-General) रहे। रिटायरमेंट के बाद भी वे सक्रिय रहे और सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (CPR) में ऑनरेरी रिसर्च प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा वे भारतीय राष्ट्रीय बार एसोसिएशन (INBA) के अध्यक्ष भी रहे।

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संविधान के एक्सपर्ट थे डॉ. कश्यप

डॉ. कश्यप संविधान, संसदीय प्रक्रियाओं और लोकतंत्र के क्षेत्र के अच्छे जानकार थे, जिन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। उन्होंने अपने जीवन में 100 से ज्यादा पुस्तकें लिखीं और 500 से ज्यादा शोध पत्र प्रकाशित किए। उनकी प्रमुख रचनाओं में 'भारत का संविधान: एक अध्ययन', 'नागरिक और संविधान' तथा 'हमारी संसद' जैसी किताबें शामिल हैं। डॉ. कश्यप संविधान को एक 'जैविक दस्तावेज' मानते थे, जो समय के साथ विकसित होता रहता है। उन्होंने संसदीय सुधार, दलबदल विरोधी कानून और संघीय ढांचे पर गहन चर्चा की।

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