
Budget Session: आज संसद में बजट सत्र का तीसरा दिन है। जिसका आगाज काफी हंगामेदार हुआ। क्योंकि जब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला सदन में पहुंचे। तब विपक्षी सांसदों ने महाकुंभ भगदड़ की घटना पर चर्चा करने की मांग शुरु कर दी। अपनी इस मांग को लेकर विपक्ष ने सदन में काफी हंगामा किया। जिस पर लोकसभा स्पीकर ने कहा कि 'जनता ने आपको टेबल तोड़ने के लिए भेजा है या चर्चा करने के लिए।'
ओम बिरला ने की विपक्षी सदस्यों से अपील
संसद में बजट सत्र शुरु होते ही विपक्षी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मांग की कि सबसे पहले महाकुंभ भगदड़ की घटना पर चर्चा की जाएं। लेकिन ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। ओम बिरला ने कहा कि ये सदस्यों का जरूरी समय होता है।
लेकिन विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोकसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही जारी रखी। ओम बिरला विपक्ष को सलाह देते हुए कहते है कि अगर आपको लगता है कि देश की जनता ने आपको यहां प्रश्नकाल की कार्यवाही बाधित करने के लिए भेजा है। तो आप यही काम कीजिए।
'जनता ने आपको टेबल तोड़ने के लिए नहीं भेजा है'
सदन की कार्यवाही जारी रखते हुए ओम बिरला ने मणिक्कम टैगोर और मनीष तिवारी के सवाल की बारी आने पर कहा कि अगर आपको कोई भी सवाल नहीं पूछना है तो रहने दीजिए। क्योंकि जनता ने आपको यहां टेबल तोड़ने के लिए बल्कि चर्चा करने के लिए भेजा है।
विपक्षों के हंगामे पर किरेन रिजिजू ने उठाए सवाल
विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का बयान सामने आया है। उन्होंने इस हंगामे की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष के लोग सरकार से सवाल पूछना ही नहीं चाहते। किरेन रिजिजू का कहना है कि विपक्ष का तरीका छीक नहीं है। इस तरह की चीजें सदन में बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।
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