न रिश्ता देखा, न परंपरा...शादी से पहले बदला दूल्हे का दिल, खरमास में लिए सात फेरे; जानें दुल्हन के जोड़े में कौन

न रिश्ता देखा, न परंपरा...शादी से पहले बदला दूल्हे का दिल, खरमास में लिए सात फेरे; जानें दुल्हन के जोड़े में कौन

Bihar Marriage During Kharmas: बिहार से एक ऐसा अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सामाजिक रिश्तों, परंपराओं और मान्यताओं पर नई बहस छेड़ दी है। यहां एक युवक का दिल अपनी होने वाली साली पर आ गया। हालात ऐसे बने कि तय हुई शादी टूट गई और दूल्हे ने खरमास जैसे अशुभ माने जाने वाले समय में ही अपनी होने वाली साली से शादी कर लिया। वहीं, अब यह शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

कैसे बदली शादी की कहानी?

दरअसल, शादी का ये अनोखा मामला बिहार के अरवल से सामने आया है। जहां कुर्था थाना क्षेत्र के भतूबिगहा निवासी आदित्य कुमार की शादी सबलकसराय की एक लड़की से होनी थी। दोनों की सगाई भी बड़े धूम-धाम से की गई थी, जिसके बाद शादी इसी साल के अप्रैल में होनी थी। दोनों परिवारों ने शादी की तैयारियां शुरु कर दी, जिसके बाद से दुल्हे का अपने होने वाले ससुराल से आना-जाना बढ़ने लगा। लेकिन इसी के बाद कहानी में एक नया ट्विस्ट आता है। दरअसल, इसी दौरान दूल्हे की नजदीकियां होने वाली दुल्हन की बहन से बढ़ने लगीं। बातचीत और मेल-जोल के बीच दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए और मामला प्यार तक पहुंच गया।

जानकारी के अनुसार, जब यह बात दोनों परिवारों को पता चली तो पहले तो उन्होंने इसका विरोध किया और बाद में स्थिति को संभालने के लिए शादी को ही केंसिल कर दिया गया। लेकिन तब तक दूल्हे और होने वाली साली का प्यार परवान चढ़ चुका था। परिवार के ना मानने पर दोनों ने जीवनभर साथ निभाने का फैसला करते हुए भागकर शादी कर ली। लेकिन इस तरह शादी करने से सामाजिक रिश्तों और दोनों परिवार का नाम तो बदनाम हुआ। इसके अलावा धार्मिक मान्यताओं की भी धज्जियां उड़ाई गई।

खरमास में शादी

दरअसल, हिंदू मान्यताओं के अनुसार खरमास को शादी जैसे शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है। बावजूद इसके, दोनों ने परंपराओं को दरकिनार करते हुए खरमास के दौरान कुर्था प्राचीन सूर्य मंदिर में ही शादी कर ली। इस दौरान शादी को देखने के लिए मंदिर परिसर में सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिसके बाद से पूरे इलाके में इस शादी की चर्चा हो रही है।

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